क्या आपने भी लगाया है जियो के IPO में पैसा? सिर्फ 100 मिनट में कंपनी ने कर दिया सबसे बड़ा उलटफेर!
फ्री सिम से शुरू हुआ सफर अब शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO तक पहुंचा; जियो ने तोड़े ग्लोबल रिकॉर्ड



5 सितंबर 2016 को रिलायंस जियो ने फ्री सिम और इंटरनेट देकर टेलीकॉम सेक्टर में जो क्रांति शुरू की थी, अब ठीक 10 साल बाद उसका असर शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन गया है। इस मेगा इश्यू ने बाजार में आते ही महज 3 दिन के अंदर 7 बड़े ग्लोबल और नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
ग्लोबल मार्केट में बजा डंका: 1 करोड़ से ज्यादा आवेदन
दुनियाभर के स्टॉक मार्केट के इतिहास में जियो प्लेटफॉर्म्स पहला ऐसा IPO बन गया है, जिसे 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक रिटेल निवेशकों के आवेदन मिले हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत की ही वारी एनर्जीज के पास था, जिसे करीब 97.3 लाख आवेदन मिले थे।
भारत का सबसे बड़ा IPO
₹30,213 करोड़ के विशाल इश्यू साइज के साथ जियो ने हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एंकर निवेशकों को मिलाकर कुल शेयर डिमांड ₹7.4 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। एंकर बुक के बाहर मिली बोलियों की वैल्यू के मामले में भी इसने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (2025) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
सिर्फ 100 मिनट में 100% सब्सक्राइब
अमूमन भारत में बड़े IPO को पूरा भरने में 2 से 3 दिन का समय लगता है, लेकिन जियो का यह इश्यू बाजार खुलने के 100 मिनट के भीतर ही पूरा सब्सक्राइब हो गया। भारी डिमांड और एप्लिकेशन वॉल्यूम को संभालने के लिए BSE और NSE को बिडिंग का समय (जो आमतौर पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होता है) बढ़ाकर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक करना पड़ा।
निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स (सब्सक्रिप्शन डिटेल्स)
NSE के आंकड़ों के अनुसार, तीन दिन में यह इश्यू कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। निवेशकों ने 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 438 करोड़ से ज्यादा बोलियां लगाईं।
QIB (बड़े निवेशक): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखी और यह हिस्सा 70.55 गुना भरा।
NII (गैर-संस्थागत निवेशक): यह हिस्सा 14 गुना सब्सक्राइब हुआ।
RII (रिटेल निवेशक): रिटेल कैटेगरी 2.72 गुना भरी, जिसमें 23.11 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
100% फ्रेश इश्यू: कंपनी के विस्तार में जाएगा पूरा पैसा
इस IPO की सबसे खास बात यह है कि ₹30,213 करोड़ का यह पूरा इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों (फ्रेश इश्यू) से मिलकर बना है। ऑफर फॉर सेल (OFS) वाले IPO से अलग, इसमें पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा या गूगल ने अपनी कोई हिस्सेदारी नहीं बेची है। बाजार से जुटाया गया यह पूरा पैसा सीधे कंपनी के व्यापार और विस्तार में इस्तेमाल होगा।
लिस्टिंग के साथ ही भारत की टॉप 5 कंपनियों में होगी एंट्री
₹1,119 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के आधार पर, लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ होने का अनुमान है। ट्रेडिंग के पहले ही दिन यह मार्केट वैल्यू के हिसाब से भारत की टॉप 4 या 5 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में शानदार एंट्री लेगी।











































