बीकानेर में जिंदा जलकर मृत्यु: 5 साल के मासूम की दर्दनाक मौत, आग से बचने के लिए लोहे के पानी के टैंक में छिपा था

बीकानेर के जसरासर गांव में झोपड़ी में लगी आग से 5 साल के भरत सिंह की दर्दनाक मौत; आग से बचने लोहे के पानी के टैंक में छिपा था, माता-पिता खेत से लौटे तो शव मिला।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 9, 2025 • 2:32 PM  23
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राजस्थान
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बीकानेर में जिंदा जलकर मृत्यु: 5 साल के मासूम की दर्दनाक मौत, आग से बचने के लिए लोहे के पानी के टैंक में छिपा था
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बीकानेर में जिंदा जलकर मृत्यु: 5 साल के मासूम की दर्दनाक मौत, आग से बचने के लिए लोहे के पानी के टैंक में छिपा था

बीकानेर, 9 नवंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले के एक छोटे से गांव जसरासर में शनिवार रात को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसमें महज 5 साल के मासूम बच्चे की झोपड़ी में लगी आग से जिंदा जलकर मौत हो गई। बच्चा आग की लपटों से बचने के लिए झोपड़ी में रखे लोहे के पानी के टैंक के अंदर छिप गया था, लेकिन धुएं और गर्मी से तड़प-तड़पकर उसने दम तोड़ दिया। जब उसके

माता-पिता खेत से काम करके लौटे, तो उनके सामने सिर्फ जलकर राख हुई झोपड़ी और टैंक में बच्चे का जला हुआ शव था। यह हादसा काकड़ की रोही में ढाणी क्षेत्र में हुआ, जहां गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लग गई।

घटना का पूरा विवरण;  घटना शनिवार रात करीब 8-9 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित बच्चे का नाम भरत सिंह था, जो कल्याण सिंह का 5 वर्षीय पुत्र था। परिवार में सिर्फ तीन सदस्य थे—पति कल्याण सिंह, पत्नी और उनका इकलौता बेटा भरत सिंह। परिवार खेतीहर मजदूरी करता है और इसी ढाणी में एक छोटी सी झोपड़ी में रहता था। झोपड़ी मिट्टी और लकड़ी की बनी हुई थी, जिसमें प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी रखी हुई थी।परिजनों के अनुसार, शनिवार शाम को कल्याण सिंह और उनकी पत्नी खेत पर काम करने गए थे। घर पर अकेला 5 साल का भरत सिंह था। रात होने पर अचानक झोपड़ी में आग लग गई। आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों का अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट, चूल्हे की चिंगारी या कोई अन्य घरेलू कारण हो सकता है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते-देखते पूरी झोपड़ी लपटों में घिर गई।छोटा बच्चा होने के कारण भरत सिंह घबराहट में इधर-उधर भागा और आग से बचने के लिए झोपड़ी के अंदर रखे लोहे के पानी के टैंक में छिप गया। टैंक बड़ा था और इसमें थोड़ा पानी भी था, शायद बच्चे को लगा कि यहां सुरक्षित रहेगा। लेकिन आग चारों तरफ फैल गई। टैंक लोहे का होने से बाहर से गर्म हो गया, अंदर धुआं भर गया और ऑक्सीजन की कमी हो गई। बच्चा अंदर ही फंस गया और तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई। टैंक के अंदर का दृश्य इतना भयावह था कि शव पूरी तरह झुलस चुका था।

परिजनों की वापसी और सदमा;  कल्याण सिंह और उनकी पत्नी रात करीब 10 बजे खेत से लौटे। दूर से ही उन्हें जलती हुई झोपड़ी दिखी। वे दौड़ते हुए पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने सब कुछ खत्म कर दिया था। झोपड़ी में रखा सारा सामान—कपड़े, बर्तन, अनाज और अन्य घरेलू सामान—जलकर राख हो चुका था। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी।परिजनों ने बच्चे को पुकारा और तलाश किया। आसपास कहीं नहीं मिला तो झोपड़ी के अवशेषों में टैंक खोला गया। टैंक के अंदर भरत सिंह का जला हुआ शव मिला। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता कल्याण सिंह सदमे में चूर होकर जमीन पर गिर पड़े, जबकि मां बेहोश हो गई। गांव वालों ने उन्हें संभाला और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई;  सूचना मिलते ही जसरासर पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को टैंक से बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए बीकानेर के सरकारी अस्पताल भेजा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या चूल्हे से बताई जा रही है, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद ही पुष्टि होगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की गहन जांच शुरू कर दी है।स्थानीय प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। जिला कलेक्टर ने घटना की जानकारी ली और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले इस परिवार को सरकारी योजना के तहत मकान और अन्य सहायता दी जा सकती है।

गांव में मातम का माहौल;  जसरासर गांव के काकड़ की रोही ढाणी में मातम पसरा हुआ है। भरत सिंह गांव का चहेता बच्चा था, जो हमेशा खेलता-कूदता रहता था। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार बहुत गरीब है और मजदूरी करके गुजारा करता है। आग लगने की घटना से पूरे इलाके में दहशत है। लोग कह रहे हैं कि झोपड़ियों में बिजली की खराब वायरिंग और ज्वलनशील सामग्री रखने से ऐसे हादसे होते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गरीब परिवारों को पक्के मकान और सुरक्षित बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं।

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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