'बिना नहाए बहू ने बनाया खाना', विवाद इतना बढ़ा कि बेटे ने मां-बाप को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया
लखीमपुर खीरी के निघासन में रूह कंपा देने वाली वारदात। खाने को लेकर हुए मामूली विवाद में इकलौते बेटे ने माता-पिता पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मंगलवार को पिता की मौत हो गई, पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार। बेटी ने भाभी पर लगाए गंभीर आरोप।



लखीमपुर खीरी के निघासन कोतवाली क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चखरा गांव में पारिवारिक कलह के चलते एक कलयुगी बेटे ने अपने ही बुजुर्ग माता-पिता पर पेट्रोल उड़ेल कर उन्हें जिंदा जला दिया। इस खौफनाक घटना में 60 वर्षीय पिता बलराम शाह की मंगलवार (20 अक्टूबर) को इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 58 वर्षीय मां बैजंती की हालत बेहद गंभीर है। पुलिस ने पिता के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान के आधार पर आरोपी बेटे सपालू (30) को गिरफ्तार कर लिया है।
बिना नहाए खाना बनाने से शुरू हुआ था विवाद
बलराम गांव के चौराहे पर टिक्की-समोसे का ठेला लगाते थे, जबकि बेटा सपालू भी उसी चौराहे पर मोमोज बेचता था। घटना शनिवार (17 अक्टूबर) रात करीब 10 बजे की है। मृतक की बेटी ममता के अनुसार, मां बैजंती और भाभी छाया के बीच अक्सर अनबन रहती थी। घटना वाले दिन भाभी ने सुबह की बनी मशरूम की सूखी सब्जी ससुर को परोस दी थी। मां ने इस बात पर आपत्ति जताई कि बहू बिना नहाए खाना बनाती है और दिन भर की जूठी सब्जी दे दी है। इसी बात को लेकर सास-बहू में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
बेटे ने बाइक से पेट्रोल निकाला और लगा दी आग
विवाद के दौरान बेटा सपालू वहां पहुंचा। झगड़े के बीच मां ने उसे दूर रहने को कहा, तो वह भड़क गया। पिता बलराम ने बेटे को रोकना चाहा, जिस पर सपालू ने उन्हें धक्का दे दिया। गुस्से में वह बाहर खड़ी अपनी बाइक के पास गया, उससे पेट्रोल निकाला और छप्पर के नीचे खड़े माता-पिता पर डालकर माचिस से आग लगा दी। गंभीर हालत में बलराम को पहले निघासन सीएचसी, फिर जिला अस्पताल और बाद में लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया था। मंगलवार शाम एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी सांसें थम गईं।
बेटी का आरोप- भइया बेकसूर, भाभी ने भड़काया
बलराम की बेटी ममता ने इस पूरी घटना का जिम्मेदार अपनी भाभी छाया को बताया है। ममता का दावा है कि उनके भाई बेकसूर हैं। अगर भाई ने आग लगाई होती तो वह उसे बुझाने की कोशिश क्यों करता, जिसमें उसके खुद के हाथ भी झुलस गए। ममता ने आरोप लगाया कि भाभी ने ही भाई के कान भरे हैं या फिर खुद आग लगाई है। उन्होंने यह भी कहा कि भाभी का किसी और से संबंध है और उसने पहले भी जलाकर मारने की धमकी दी थी।
बहू की सफाई- मैं सो रही थी, सास-ससुर शराब पीकर लड़ते थे
दूसरी तरफ, बहू छाया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि वह रात 8:30 बजे बच्चों को लेकर सो गई थी और शोर मचने पर ही उसे घटना का पता चला। छाया के मुताबिक, उसके पति नशा नहीं करते, बल्कि सास-ससुर ही शराब पीकर आपस में झगड़ते थे। फिलहाल छाया अपने मायके चली गई है।
दरवाजा अंदर से था बंद, पुलिस कर रही जांच
मृतक बलराम के भाइयों (बग्गू लाल और झब्बू लाल) ने बताया कि घटना के वक्त घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों ने पीछे से ईंटें गिराकर कुंडी खोली, तब तक सब कुछ जल चुका था। परिजनों का मानना है कि इस साजिश में बहू भी शामिल है और उससे पूछताछ होनी चाहिए। निघासन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।











































