पिता ने इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो से कुचला, दोनों की दर्दनाक मौत

राजस्थान के चूरू जिले में सरपंच चुनाव लड़ने की जिद ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। तारानगर के चंगोई गांव में एक पिता ने चुनाव का विरोध कर रहे अपने ही इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो गाड़ी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर लिया है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
October 14, 2026 • 2:26 PM  753
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पिता ने इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो से कुचला, दोनों की दर्दनाक मौत
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पिता ने इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो से कुचला, दोनों की दर्दनाक मौत

राजस्थान के चूरू जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां सरपंच बनने की महत्वकांक्षा ने एक पिता को कातिल बना दिया। जिले की तारानगर तहसील के चंगोई गांव में सरपंच चुनाव लड़ने की जिद में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने ही इकलौते बेटे और बहू की बोलेरो से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात मंगलवार देर रात करीब 12:50 बजे की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को डिटेन कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त कर ली है।

सरपंच बनने का चढ़ा ऐसा जुनून, खत्म कर दिया अपना ही वंश

तारानगर डीएसपी रोहित सांखला के अनुसार, चंगोई गांव के रहने वाले 60 वर्षीय रामचंद्र जाट का गांव में ही अपना धर्मकांटा है। चंगोई हाल ही में एक नई ग्राम पंचायत बनी है, जिसके बाद से ही रामचंद्र के सिर पर सरपंच का चुनाव लड़ने का जुनून सवार था। हालांकि, उसका 40 वर्षीय इकलौता बेटा रविंद्र और 35 वर्षीय बहू महिंद्रा इस फैसले के सख्त खिलाफ थे। वे लगातार रामचंद्र को चुनाव न लड़ने के लिए समझा रहे थे। इसी बात को लेकर पिछले कई दिनों से परिवार में भारी क्लेश चल रहा था।

धर्मकांटे पर हुआ विवाद, फिर रास्ते में दे दी खौफनाक मौत

मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात को भी घर में पिता और पुत्र के बीच चुनाव को लेकर तीखी बहस हुई थी। विवाद से परेशान होकर रविंद्र और महिंद्रा घर से निकलकर अपने धर्मकांटे पर चले गए। लेकिन गुस्साया रामचंद्र अपनी पत्नी धर्मा देवी के साथ उनके पीछे-पीछे वहां भी पहुंच गया और वहां भी दोनों पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ।

विवाद के बाद जब रविंद्र और महिंद्रा पैदल ही वापस अपने घर की तरफ लौट रहे थे, तभी पीछे से रामचंद्र बोलेरो गाड़ी लेकर आया और सरपंच चुनाव में रोड़ा बन रहे अपने ही बेटे-बहू पर गाड़ी चढ़ा दी। दोनों को बुरी तरह कुचलने के कारण उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

11 साल की मासूम के सिर से उठा माता-पिता का साया

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक रविंद्र गांव में ई-मित्र चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, जबकि उसकी पत्नी महिंद्रा एक गृहिणी थी। दोनों की शादी करीब 13 साल पहले हुई थी (महिंद्रा मेलूसर की रहने वाली थी)। इस दंपती की एक 11 साल की बेटी 'मिकारिका' है, जिसके सिर से अब एक ही झटके में माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।

धर्मकांटे पर हुए विवाद के दौरान आरोपी की पत्नी धर्मा देवी भी मौजूद थी। अपनी आंखों के सामने इकलौते बेटे और बहू की दर्दनाक मौत के बाद से मां बेसुध हालत में है।

नवगठित पंचायत में 16 नवंबर को होना है चुनाव

गौरतलब है कि चंगोई गांव पहले मिखाला ग्राम पंचायत का हिस्सा हुआ करता था। लेकिन हाल ही में हुए परिसीमन के बाद चंगोई को एक अलग स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा मिल गया। नवगठित पंचायत होने के कारण रामचंद्र हर हाल में यहां का पहला सरपंच बनना चाहता था। तारानगर क्षेत्र में चौथे चरण के तहत पंच और सरपंच पद के लिए 16 नवंबर को मतदान होना है, लेकिन उससे पहले ही इस चुनावी रंजिश ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

हेड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार ने बताया कि वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर तारानगर के राजकीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवा दिया है। बुधवार सुबह अस्पताल के बाहर भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे चंगोई गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई हैरान है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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