विदेश में नौकरी के नाम पर 4.15 लाख की ठगी: सीकर का युवक रूस में बंद कमरे में कैद, भूखा रखा गया, पुलिस ने डिपोर्ट कर भारत भेजा

राजस्थान के सीकर में एक एजेंट ने रूस में पैकिंग की नौकरी दिलाने के नाम पर कैफ नामक युवक के परिवार से 4.15 लाख रुपये ठग लिए। युवक को रूस भेजा गया, लेकिन वहाँ उसे नौकरी नहीं दी गई और एक कमरे में कैद कर भूखा रखा गया। तीन महीने बाद रूस पुलिस ने उसे अवैध प्रवासी मानकर जेल में डाला और भारत डिपोर्ट कर दिया। अब सीकर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 6, 2026 • 2:23 PM  126
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विदेश में नौकरी के नाम पर 4.15 लाख की ठगी: सीकर का युवक रूस में बंद कमरे में कैद, भूखा रखा गया, पुलिस ने डिपोर्ट कर भारत भेजा
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6 Jan 2026
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विदेश में नौकरी के नाम पर 4.15 लाख की ठगी: सीकर का युवक रूस में बंद कमरे में कैद, भूखा रखा गया, पुलिस ने डिपोर्ट कर भारत भेजा

राजस्थान के सीकर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी एजेंट ने रूस में पैकिंग की नौकरी लगवाने का लालच देकर परिवार से 4.15 लाख रुपये ऐंठे, लेकिन युवक को वहां नौकरी तो नहीं मिली, बल्कि उसे एक कमरे में कैद करके रखा गया। वहां उसे कई दिनों तक खाना भी नहीं दिया गया। अंततः रूस की पुलिस ने युवक को पकड़ा और जेल में डालकर भारत डिपोर्ट कर दिया। अब सीकर की कोतवाली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

घटना का पूरा विवरण पीड़ित युवक का नाम कैफ है, जो सीकर के वार्ड नंबर 61 का निवासी है। उसके पिता अब्दुल रज्जाक मजदूरी का काम करते हैं। अब्दुल रज्जाक ने कोतवाली पुलिस थाने में कोर्ट के माध्यम से इस्तगासा मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में बताया गया है कि 15 जुलाई को आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने कैफ से मुलाकात की। राजेंद्र ने खुद को विदेश में मजदूरों को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया और कैफ को रूस में अच्छी नौकरी दिलाने का प्रस्ताव रखा।राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि वह कैफ को रूस में पैकिंग का काम लगवा देगा, जहां अच्छी सैलरी मिलेगी। विदेश जाने के लिए सामान्य तौर पर 4.50 लाख रुपये खर्च बताए जाते हैं, लेकिन चूंकि कैफ का परिवार उसका परिचित है, इसलिए सिर्फ 4.15 लाख रुपये में काम हो जाएगा। इस लालच में आकर कैफ के परिवार ने राजेंद्र को 4.15 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद राजेंद्र ने एक एग्रीमेंट पेपर बनवाया, जिसमें विदेश भेजने की शर्तें लिखी गईं।

रूस भेजने के बाद क्या हुआ? 12 अगस्त को राजेंद्र प्रसाद ने कैफ को जयपुर से रूस के लिए रवाना कर दिया। रूस पहुंचने के बाद कैफ को 15 से 20 दिनों तक एक बंद कमरे में रखा गया। इस दौरान उसे न तो कोई काम दिया गया और न ही ठीक से खाना। कैफ भूख-प्यास से परेशान रहा। जब कैफ ने यह बात अपने पिता अब्दुल रज्जाक को फोन पर बताई, तो अब्दुल ने राजेंद्र से संपर्क किया। लेकिन राजेंद्र ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।इसके बाद राजेंद्र ने कैफ को करीब तीन महीने तक रूस में इसी हालत में रखा। नौकरी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। 18 नवंबर को कैफ ने अपनी बहन को फोन करके बताया कि रूस की पुलिस उसे परेशान कर रही है। बहन ने यह बात पिता अब्दुल को बताई और पुलिस से कैफ की बात करवाई। रिपोर्ट के अनुसार, रूस की पुलिस ने कैफ को अवैध प्रवासी मानकर पकड़ लिया और जेल में डाल दिया। अंत में 27 नवंबर को उसे भारत वापस डिपोर्ट कर दिया गया।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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