बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस ने बढ़ाई चिंता, अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या
राजस्थान में बारिश के बाद स्क्रब टाइफस, डेंगू और मलेरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके चलते एसएमएस अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी और अलग ओपीडी शुरू करने की योजना बन रही है।
राजस्थान में बारिश का मौसम खत्म होने के साथ ही मौसमी बीमारियों ने स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। खासकर स्क्रब टाइफस के मामलों में अचानक हुई वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है।
स्क्रब टाइफस के मामलों में भारी उछाल
एसएमएस अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2025 तक स्क्रब टाइफस के मरीज इक्का-दुक्का ही देखे गए थे। लेकिन अगस्त माह में स्थिति चिंताजनक हो गई, जब स्क्रब टाइफस के 250 से अधिक मामले सामने आए। इस बीमारी ने ग्रामीण इलाकों में तेजी से पैर पसारना शुरू किया है, जिसके चलते अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 10-12 नए मरीज पहुंच रहे हैं। स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो चिगर माइट्स के काटने से फैलता है और बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ने की आशंका रहती है।
डेंगू और मलेरिया ने भी बढ़ाई मुश्किलें
स्क्रब टाइफस के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। अगस्त माह में एसएमएस अस्पताल में डेंगू के 33 और चिकनगुनिया के 18 मरीज भर्ती हुए, जबकि मलेरिया का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। हालांकि, डेंगू से इस साल अब तक एक मरीज की मौत हो चुकी है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी और बढ़ता तापमान मच्छरों के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया के मामले बढ़ रहे हैं।