राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब NDA? जानिए मोदी सरकार के लिए क्यों अहम है यह समीकरण..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में NDA संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। राज्यसभा में गठबंधन की संख्या बढ़ने की संभावनाओं के बीच दो-तिहाई बहुमत के समीकरण पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि NDA अभी संविधान संशोधन के लिए जरूरी आंकड़े से दूर है, लेकिन विपक्षी दलों में संभावित टूट और राजनीतिक बदलावों से उसका रास्ता आसान हो सकता है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में केंद्र की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार यानी NDA संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि लोकसभा में बहुमत होने के बावजूद संविधान संशोधन जैसे बड़े फैसलों के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन का आंकड़ा अभी भी उसके पास नहीं है। लेकिन हाल के राजनीतिक बदलावों और विपक्षी खेमे में संभावित टूट की चर्चाओं ने राज्यसभा के गणित को लेकर नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं।
संविधान संशोधन के लिए क्यों जरूरी है दो-तिहाई बहुमत?
संसद में सामान्य कानून साधारण बहुमत से पास हो जाते हैं, लेकिन संविधान संशोधन विधेयक के लिए अलग प्रक्रिया होती है। ऐसे विधेयक को पारित करने के लिए दोनों सदनों में कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित होकर मतदान करने वाले सांसदों में कम से कम दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है।