यूरोप रूस को कमजोर करना चाहता है साल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन के तीखे बयान.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूरोप रूस को बर्बाद करना चाहता है, लेकिन इसमें सफल नहीं होगा। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को टैलेंटेड कलाकार बताया और दावा किया कि युद्ध में रूस लगातार जीत रहा है। पुतिन ने कहा कि आने वाले समय में यूक्रेन के हथियार खत्म हो जाएंगे और उन्हें सरेंडर करना होगा। शांति वार्ता के लिए रूस हमेशा तैयार है, लेकिन कीव पीछे हटता रहा है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 19, 2025 • 4:42 PM  17
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यूरोप रूस को कमजोर करना चाहता है साल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन के तीखे बयान.
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यूरोप रूस को कमजोर करना चाहता है साल की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन के तीखे बयान.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साल की आखिरी और बहुप्रतीक्षित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूक्रेन युद्ध, यूरोप की भूमिका और शांति वार्ता को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। करीब 20 लाख सवालों के बीच पत्रकारों और आम नागरिकों के सामने बैठे पुतिन ने स्पष्ट कहा कि यूरोप की मंशा रूस को बर्बाद करने की है, लेकिन वह इसमें कभी सफल नहीं होगा।

जेलेंस्की पर पुतिन की टिप्पणी

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को “टैलेंटेड आर्टिस्ट” बताते हुए कहा कि यूक्रेन नेतृत्व शांति नहीं चाहता। उनके अनुसार, कीव किसी भी कीमत पर समर्पण के लिए तैयार नहीं है और यही कारण है कि युद्ध लगातार लंबा खिंचता जा रहा है।

युद्ध में रूस की स्थिति पर दावा

पुतिन ने कहा कि कुर्स्क क्षेत्र में झटका लगने के बाद रूस ने नई रणनीति बनाई, जिसके बाद से युद्ध में लगातार बढ़त मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि साल के अंत तक डोनेस्क प्रांत पूरी तरह रूस के नियंत्रण में आ जाएगा, और उसके बाद डोनबास क्षेत्र पर भी रूस का कब्जा तय है।

2014 से शुरू हुआ संघर्ष

रूस के राष्ट्रपति ने यूक्रेन संघर्ष की जड़ें 2014 में बताते हुए कहा कि उसी समय यूक्रेन में तख्तापलट हुआ और रूस के खिलाफ माहौल बनाया गया। पुतिन के अनुसार, यूक्रेन की जनता को रूस के खिलाफ भड़काया गया, लेकिन उन्हें यह भरोसा नहीं था कि रूस उनके साथ गलत कर सकता है।

यूरोप पर गंभीर आरोप

पुतिन ने यूरोप पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यूरोपीय देश किसी भी कीमत पर रूस को कमजोर करना चाहते हैं। जेलेंस्की के सत्ता में आने के बाद यूरोप ने यूक्रेन को मोहरे की तरह इस्तेमाल किया। हालांकि पुतिन ने दोहराया कि रूस को नष्ट करने की यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।

यूक्रेन के हथियार खत्म होने का दावा

पुतिन का कहना है कि आने वाले दिनों में यूक्रेन के पास हथियार खत्म हो जाएंगे, जिसके बाद उनके पास सरेंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रूस शांति के लिए हमेशा बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन पहल यूक्रेन की ओर से नहीं हो रही।

शांति वार्ता पर पुतिन का बयान

राष्ट्रपति पुतिन ने याद दिलाया कि 2022 में रूस कीव शांति वार्ता के लिए गया था, जहां यूक्रेन को समझौते पर हस्ताक्षर करने थे, लेकिन उसने पीछे हटने का फैसला किया। उनके अनुसार, कीव सरकार बार-बार शांति वार्ता से दूर भागती रही है।

हर साल की परंपरा

गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने के बाद से व्लादिमीर पुतिन हर साल के अंत में लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, जिसमें पत्रकारों के साथ-साथ आम नागरिकों के सवाल भी शामिल होते हैं।

2024 में पुतिन ने 4 घंटे 30 मिनट तक सवालों के जवाब दिए थे। इस बार भी करीब 2 लाख से ज्यादा सवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए भेजे गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में सवालों का जवाब पुतिन देने वाले हैं।

पुतिन की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया है कि रूस न सिर्फ युद्ध में अपनी स्थिति को मजबूत मान रहा है, बल्कि यूरोप और यूक्रेन पर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने के संकेत भी दे रहा है। आने वाले समय में यूक्रेन युद्ध किस दिशा में जाएगा, यह पूरी दुनिया की नजरों में रहेगा।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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