इंस्टग्राम पर अश्लील रील्स बनाने पर ये दो युवतियां गिरफ्तार, कैमरामेन और एडिटर को भी पकड़ा

संभल पुलिस ने सोशल मीडिया पर अश्लील और आपत्तिजनक रील्स बनाने वाली महक और निशा उर्फ परी सहित उनके दो सहयोगियों, हिना और जर्रार आलम को गिरफ्तार किया। 'महकपरी143' इंस्टाग्राम अकाउंट से गाली-गलौज और अश्लील सामग्री अपलोड करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई। चारों के खिलाफ बीएनएस धारा 296(बी) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने चार मोबाइल फोन बरामद किए और अकाउंट की जांच शुरू की। यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और सामाजिक मर्यादाओं पर सवाल उठाता है

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
July 16, 2025 • 8:35 AM  13k
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इंस्टग्राम पर अश्लील रील्स बनाने पर ये दो युवतियां गिरफ्तार, कैमरामेन और एडिटर को भी पकड़ा
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16 Jul 2025
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इंस्टग्राम पर अश्लील रील्स बनाने पर ये दो युवतियां गिरफ्तार, कैमरामेन और एडिटर को भी पकड़ा

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सोशल मीडिया पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने के आरोप में दो युवतियों, महक और निशा उर्फ परी, सहित उनके दो सहयोगियों, हिना और जर्रार आलम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी रील्स के बाद की गई, जिनमें अभद्र भाषा, गाली-गलौज और अश्लील इशारों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग और समाज पर इसके नकारात्मक प्रभाव को लेकर एक बार फिर चर्चा को हवा दी है।

### मामले का विवरण
संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के शहबाजपुर कला गांव की रहने वाली महक और निशा उर्फ परी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'महकपरी143' के जरिए पिछले कुछ समय से आपत्तिजनक वीडियो और रील्स अपलोड की थीं। इन वीडियो में दोनों युवतियां गाली-गलौज, अश्लील इशारे और भड़काऊ सामग्री का इस्तेमाल करती थीं, जिससे स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैल गया। उनके अकाउंट पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे, और पिछले छह महीनों में उन्होंने 500 से अधिक पोस्ट किए थे, जिनमें से अधिकांश में अभद्र भाषा और अश्लील सामग्री थी।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने इन रील्स को लेकर पुलिस को कई शिकायतें दर्ज की थीं। शिकायतों में कहा गया कि इन वीडियो का युवाओं, खासकर महिलाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह सामाजिक मर्यादा को भंग कर रहा है। असमोली थाना पुलिस ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि महक और परी के साथ अमरोहा जिले के डिडौली निवासी हिना और जर्रार आलम भी इन वीडियो के निर्माण और संपादन में शामिल थे। आलम इन रील्स का कैमरामैन और एडिटर था।

### पुलिस की कार्रवाई
संभल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर, असमोली थाना पुलिस ने महक, परी, हिना और जर्रार आलम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद, मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद, उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने चारों के पास से दो महंगे आईफोन सहित चार मोबाइल फोन बरामद किए, जिनका इस्तेमाल वीडियो बनाने और अपलोड करने में किया जा रहा था। साथ ही, पुलिस ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट की गहन जांच शुरू की और आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। एसपी बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

### आरोपियों का मकसद
पूछताछ में सामने आया कि महक, परी, हिना और आलम का मकसद सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना और पैसे कमाना था। उन्होंने बताया कि इन रील्स के जरिए वे हर महीने 25,000 से 30,000 रुपये की कमाई कर रहे थे। उनकी रील्स में गालियां और अश्लील इशारे जानबूझकर शामिल किए जाते थे ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यूज और फॉलोअर्स मिल सकें। यह रणनीति उनके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रही थी, लेकिन समाज पर इसके नकारात्मक प्रभाव को नजरअंदाज किया गया।

### सामाजिक प्रभाव और पुलिस की चेतावनी
इस मामले ने सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल और इसके समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संभल जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्र में इस तरह की सामग्री ने स्थानीय समुदाय को नाराज कर दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि इन वीडियो का युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ रहा था और यह सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचा रहा था।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि सार्वजनिक मंच पर गालियों और भड़काऊ भाषा का खुला प्रदर्शन किया जाए। सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें और ऐसी सामग्री से बचें जो समाज में नकारात्मकता फैलाए।


महक और परी का मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण है, जहां लोकप्रियता और पैसे की चाहत में सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया गया। संभल पुलिस की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि समाज में अश्लीलता और अभद्रता को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह घटना समाज को यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना कितना जरूरी है।

पुलिस अब इस मामले में और गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह की गतिविधियों में और लोग शामिल हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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