जयपुर: कांवटिया हॉस्पिटल में दुर्लभ 15×12 सेंटीमीटर सिस्ट का सफल ऑपरेशन, जानवरों से हुई बीमारी से महिला बची बड़ी खतरे से

जयपुर के कांवटिया हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जानवरों से फैलने वाली दुर्लभ 15×12 सेंटीमीटर सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया, मरीज की जान बड़ी खतरे से बची।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
February 26, 2026 • 4:43 PM  74
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
जयपुर: कांवटिया हॉस्पिटल में दुर्लभ 15×12 सेंटीमीटर सिस्ट का सफल ऑपरेशन, जानवरों से हुई बीमारी से महिला बची बड़ी खतरे से
“जयपुर: कांवटिया हॉस्पिटल में दुर्लभ 15×12 सेंटीमीटर सिस्ट का सफल ऑपरेशन, जानवरों से हुई बीमारी से महिला बची बड़ी खतरे से”
Favicon
Read more onthekhatak.com
26 Feb 2026
https://thekhatak.com/jaipur-kawantia-hospital-durlabh-sist-safal-operation
Google News
Copied
जयपुर: कांवटिया हॉस्पिटल में दुर्लभ 15×12 सेंटीमीटर सिस्ट का सफल ऑपरेशन, जानवरों से हुई बीमारी से महिला बची बड़ी खतरे से

जयपुर के कांवटिया हॉस्पिटल में गुरुवार को डॉक्टरों ने एक दुर्लभ सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया। मेडिकल साइंस में इसे “एक्स्ट्रा हेपेटिक हाइडेटिड सिस्ट” कहा जाता है, जो बहुत ही कम मरीजों में देखी जाती है।

यह सिस्ट आमतौर पर जानवरों—जैसे श्वान या गाय—से फैलने वाले परजीवी संक्रमण के कारण होती है। संक्रमण मनुष्य के शरीर में प्रवेश करने के बाद लिवर या फेफड़े पर तरल थैली के रूप में सिस्ट बना देता है। इस केस की खासियत यह थी कि सिस्ट गर्भाश्य (यूट्रस) और किडनी से ब्लडर को जोड़ने वाली धमनी (यूरेटर) से चिपकी हुई मिली, जो बेहद दुर्लभ मामला है।

कोटा की रहने वाली 35 साल की महिला लंबे समय से इस सिस्ट से परेशान थी। उसे बार-बार उल्टी, पेट में दर्द, पेट फूलने और पेशाब में समस्या हो रही थी। कोटा में इलाज के बावजूद बीमारी ट्रेस नहीं हो पाई, जिसके बाद महिला जयपुर आई।

डॉ. पंकज पोरवाल ने बताया कि पेट की सोनोग्राफी और सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों के बाद सिस्ट का पता चला। यह करीब 15×12 सेंटीमीटर की थी। महिला को कुछ दिन दवाइयां देकर स्थिति स्थिर करने के बाद भर्ती किया गया और सर्जरी की गई।

सर्जरी में डॉ. डी.पी. मौर्य, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. हेमेन्द्र पाटीदार, डॉ. महेंद्र और डॉ. ईशान शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रशांत और उनकी टीम ने सहयोग किया।

डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह की सिस्ट निकालने में सबसे बड़ा खतरा सिस्ट का ऑपरेशन के दौरान फटना है। इससे शरीर में गंभीर एलर्जिक रिएक्शन या संक्रमण फैल सकता है। लेकिन टीम ने करीब डेढ़ घंटे की चुनौतीपूर्ण सर्जरी के बाद सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकाल लिया।

इस सफलता से महिला अब खतरे से बाहर है और जल्द ही स्वस्थ होने की उम्मीद है।

Web Desk

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter