फिल्म बन रही, इंसाफ इंतजार में: गहलोत ने कन्हैयालाल केस में केंद्र को घेरा

उदयपुर के कन्हैयालाल साहू हत्याकांड को तीन साल बाद भी न्याय नहीं मिला; अशोक गहलोत ने बीजेपी और केंद्र पर राजनीतिक इस्तेमाल और एनआईए की नाकामी का आरोप लगाया।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 28, 2025 • 6:53 PM  240
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फिल्म बन रही, इंसाफ इंतजार में: गहलोत ने कन्हैयालाल केस में केंद्र को घेरा
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28 Jun 2025
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फिल्म बन रही, इंसाफ इंतजार में: गहलोत ने कन्हैयालाल केस में केंद्र को घेरा

उदयपुर में कन्हैयालाल साहू की तालिबानी अंदाज में गला रेतकर की गई निर्मम हत्या को तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। इस मामले में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस जघन्य अपराध का राजनीतिक फायदा उठाया, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए।

गहलोत का एक्स पर बयान: "न्याय के लिए प्रयास नहीं"

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह बेहद दुख का विषय है कि तीन साल बीत जाने के बाद भी कन्हैयालाल साहू और उनके परिवार को न्याय नहीं मिल सका है। बीजेपी ने इस मामले का राजनीतिक इस्तेमाल खूब किया, पर न्याय के लिए प्रयास नहीं किया, जबकि यह एकदम स्पष्ट मामला है, जिसमें पूरा क्राइम और कबूलनामा तक वीडियो पर रिकॉर्ड है।"

बीजेपी पर भ्रम फैलाने का आरोप

पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अपराधियों को त्वरित न्याय दिलाने का रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने दावा किया कि कन्हैयालाल हत्याकांड में राजस्थान पुलिस ने मात्र 4 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उसी रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केस अपने हाथ में ले लिया, और तीन साल बाद भी न्याय का इंतजार है। गहलोत ने बीजेपी पर मुआवजे को लेकर झूठा प्रचार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "बीजेपी ने 5 लाख-50 लाख का झूठा प्रचार कर जनता में भ्रम फैलाया और वोट लिए।"

फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग, एनआईए की नाकामी पर सवाल

गहलोत ने केंद्र सरकार और एनआईए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन साल में 166 गवाहों में से केवल 6 की गवाही हो सकी है। उन्होंने इस जघन्य मामले में विशेष अदालत या फास्ट ट्रैक कोर्ट न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। गहलोत ने बताया कि वर्तमान में यह केस सीबीआई कोर्ट के अतिरिक्त प्रभार के तहत चल रहा है, जिसके कारण सुनवाई में देरी हो रही है।

"एनआईए ने केस न लिया होता तो सजा हो चुकी होती"

गहलोत ने दावा किया कि यदि एनआईए ने यह केस राजस्थान पुलिस से नहीं लिया होता, तो दोषियों को अब तक सजा हो चुकी होती। उन्होंने कहा, "अब इस हत्याकांड पर फिल्म आ रही है। सब जानते हैं कि इस फिल्म का राजनीतिक लाभ किसे होगा, लेकिन अभी तक इंसाफ नहीं होता दिख रहा है।"

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