विधानसभा में गरजे रविन्द्र सिंह भाटी — साइबर ठगी और गौचर भूमि पर सरकार से तीखे सवाल...

राजस्थान विधानसभा में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रदेश में बढ़ते साइबर ठगी मामलों और पश्चिमी राजस्थान की गौचर भूमि आवंटन को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने साइबर अपराधों में बढ़ोतरी, कम एफआईआर दर्ज होने और पुलिस व्यवस्था की कमजोर तैयारी पर सवाल उठाए। साथ ही जैसलमेर क्षेत्र में गौचर भूमि आवंटन का विरोध करते हुए ग्रामीणों और संतों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। भाटी ने 17 फरवरी को बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
February 16, 2026 • 8:30 PM  17
र
राजनीति
NEWS CARD
Logo
विधानसभा में गरजे रविन्द्र सिंह भाटी — साइबर ठगी और गौचर भूमि पर सरकार से तीखे सवाल...
“विधानसभा में गरजे रविन्द्र सिंह भाटी — साइबर ठगी और गौचर भूमि पर सरकार से तीखे सवाल...”
Favicon
Read more onthekhatak.com
16 Feb 2026
https://thekhatak.com/ravindra-singh-bhati-assembly-cyber-fraud-gauchar-land-issue-rajasthan
Google News
Copied
विधानसभा में गरजे रविन्द्र सिंह भाटी — साइबर ठगी और गौचर भूमि पर सरकार से तीखे सवाल...

राजस्थान विधानसभा के सोमवार के सत्र में उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गंभीर हो गया, जब शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध और पश्चिमी राजस्थान की गौचर भूमि के आवंटन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा, आजीविका और ग्रामीण व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है।

राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध पर चिंता

विधानसभा में बोलते हुए भाटी ने दावा किया कि प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और स्थिति चिंताजनक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में लाखों शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन उनके मुकाबले बेहद कम मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो पाई।

उनके अनुसार बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं और आर्थिक नुकसान भी हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिक जब शिकायत लेकर पुलिस के पास जाता है तो उसे अलग-अलग थानों और विभागों के बीच भटकना पड़ता है, जिससे पीड़ितों का भरोसा व्यवस्था से कमजोर हो रहा है।

भाटी ने कहा कि डिजिटल युग में अपराधियों के तरीके बदल चुके हैं, लेकिन पुलिस व्यवस्था अभी भी उसी पुराने ढांचे में काम कर रही है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए साइबर फ्रॉड पर चेतावनी

उन्होंने सदन को आगाह करते हुए बताया कि साइबर अपराध अब केवल सोशल मीडिया या बैंकिंग धोखाधड़ी तक सीमित नहीं रहे। अपराधी वीडियो कॉल और फर्जी एजेंसियों का डर दिखाकर लोगों को मानसिक दबाव में लेकर पैसे ठग रहे हैं।

भाटी का कहना था कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की जरूरत है, लेकिन राज्य में साइबर सुरक्षा ढांचा अभी पर्याप्त मजबूत नहीं दिखता।

उन्होंने सरकार से मांग की कि:

विशेष साइबर सेल का विस्तार किया जाए

तकनीकी विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया तेज की जाए

हर जिले में त्वरित साइबर प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की जाए

गौचर भूमि आवंटन पर उठे बड़े सवाल

विधानसभा के बाद मीडिया से बातचीत में भाटी ने जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में गौचर भूमि आवंटन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों बीघा चरागाह भूमि स्थानीय पशुपालकों और ग्रामीणों की जीवनरेखा है, लेकिन उसमें से एक हिस्सा ऊर्जा परियोजना के लिए आवंटित किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

उनका आरोप था कि इस फैसले के विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौचर भूमि केवल जमीन नहीं बल्कि पशुधन, जल स्रोत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार होती है।

भाटी ने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा वैकल्पिक जमीन देने की बात की जा रही है, लेकिन वह दूर होने के कारण पशुपालकों के लिए व्यावहारिक समाधान नहीं है।

संतों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाया मुद्दा

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े संतों और स्थानीय लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई, जिससे धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस पर उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति और संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।

पश्चिमी राजस्थान की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर चिंता

भाटी ने कहा कि बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था पशुधन और चरागाह भूमि पर आधारित है। यदि गौचर क्षेत्र कम होते गए तो इसका असर केवल किसानों या पशुपालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक और आर्थिक व्यवस्था प्रभावित होगी।

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि विकास योजनाओं और स्थानीय जरूरतों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा।

17 फरवरी को बड़े आंदोलन की घोषणा

विधायक ने घोषणा की कि जैसलमेर क्षेत्र में 17 फरवरी को व्यापक जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न गांवों और समुदायों के लोग शामिल होंगे। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज हो सकता है।

सरकार से जवाबदेही की मांग

अपने वक्तव्य के अंत में भाटी ने कहा कि साइबर सुरक्षा और ग्रामीण संसाधनों की रक्षा दोनों ही राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता सुरक्षा, पारदर्शिता और न्याय की अपेक्षा रखती है, इसलिए सरकार को ठोस कदम उठाकर भरोसा बहाल करना चाहिए।

विधानसभा में उठा यह मुद्दा केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर सुरक्षा, ग्रामीण अधिकार, विकास नीति और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे कई महत्वपूर्ण सवालों को एक साथ केंद्र में ले आया।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter