राधा-कृष्ण जैसा प्रेम जोधपुर में पत्नी के जाने के 24 घंटे में पति ने भी तोड़ा दम...

जोधपुर में 49 साल साथ निभाने वाले एक दंपति ने अपने अटूट प्रेम की मिसाल पेश की। पहले पत्नी का निधन हुआ और गहरे सदमे में पति ने भी 24 घंटे के भीतर दम तोड़ दिया। परिवार के अनुसार, दोनों एक-दूसरे के बिना कुछ समय भी नहीं रह पाते थे। उनकी कहानी सच्चे प्रेम और जीवनभर के साथ की अनोखी मिसाल बन गई।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
April 29, 2026 • 3:04 PM  18
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राजस्थान
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राधा-कृष्ण जैसा प्रेम जोधपुर में पत्नी के जाने के 24 घंटे में पति ने भी तोड़ा दम...
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राधा-कृष्ण जैसा प्रेम जोधपुर में पत्नी के जाने के 24 घंटे में पति ने भी तोड़ा दम...

जोधपुर। जोधपुर से एक ऐसी भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की गहराई और सच्चे प्रेम की मिसाल पेश की है। यहां एक दंपति, जिन्होंने लगभग 49 वर्षों तक साथ निभाया, उन्होंने एक-दूसरे के बिना जीना मंजूर नहीं किया और 24 घंटे के भीतर दोनों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

49 साल का अटूट साथ, हर पल साथ बिताया

परिवारजनों के अनुसार, पति-पत्नी का रिश्ता बेहद गहरा और अनोखा था। शादी के बाद से ही दोनों ने हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया। उनके बीच ऐसा लगाव था कि वे कुछ देर भी अलग नहीं रह पाते थे।

बेटी ने बताया कि अगर मां कुछ समय के लिए भी कहीं चली जाती थीं, तो पिता बेचैन होकर उन्हें ढूंढने लगते थे। दोनों का दिन एक-दूसरे के बिना अधूरा लगता था।

एक के जाने का सदमा, दूसरे ने भी छोड़ी दुनिया

बताया जा रहा है कि पहले पत्नी का निधन हुआ। पत्नी के जाने का दुख पति सहन नहीं कर पाए और कुछ ही घंटों में उनकी तबीयत बिगड़ गई। गहरे सदमे और भावनात्मक जुड़ाव के कारण उन्होंने भी 24 घंटे के भीतर दम तोड़ दिया।

परिवार और आसपास के लोगों की आंखें नम

इस घटना के बाद पूरे परिवार में शोक की लहर है। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने ऐसा प्रेम बहुत कम देखा है। दोनों का एक साथ जाना सभी के लिए बेहद भावुक और अविश्वसनीय पल था।

साथ जीने-मरने की कसमें हुईं सच

अक्सर शादी में लिए गए वादे—सात जन्मों तक साथ निभाने के—सिर्फ शब्द माने जाते हैं, लेकिन इस दंपति ने अपने जीवन से इसे सच कर दिखाया। उनका रिश्ता आज के समय में सच्चे प्रेम और समर्पण की एक मिसाल बन गया है।

समाज के लिए एक संदेश

यह घटना सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। यह बताती है कि सच्चा प्रेम समय और परिस्थितियों से परे होता है, जो जीवन के अंतिम क्षण तक साथ निभाता है।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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