कटऑफ से 3 नंबर कम, फिर भी नहीं मानी हार—अभ्यर्थी ने खुद लड़ा केस; हाईकोर्ट ने की तारीफ, लेकिन याचिका खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने सिविल जज भर्ती-2024 की प्रारंभिक परीक्षा की आंसर-की और रिजल्ट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता खुशबू चौधरी ने कटऑफ से 3 अंक कम आने पर खुद ही कोर्ट में पैरवी की, जिसकी कोर्ट ने सराहना की। हालांकि, कोर्ट ने माना कि एक्सपर्ट कमेटी के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और चार प्रश्नों पर उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने सिविल जज कैडर भर्ती-2024 की प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका एक अभ्यर्थी द्वारा दायर की गई थी, जिसने कटऑफ से मात्र 3 अंक कम आने के बावजूद अपने दम पर कोर्ट में पैरवी की। कोर्ट ने अभ्यर्थी के इस साहस और मेहनत की सराहना की, लेकिन कानूनी आधार पर राहत देने से इनकार कर दिया।
खुद लड़ा केस, कोर्ट ने की सराहना
याचिकाकर्ता खुशबू चौधरी ने बिना किसी वकील की मदद के खुद ही कोर्ट में अपनी बात रखी। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता ने पूरी ईमानदारी, स्पष्ट सोच और दृढ़ता के साथ अपनी दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने इस प्रयास को “सराहनीय” बताया और इसे रिकॉर्ड पर दर्ज किया।