राजस्थान में तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटने के बाद शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभाग को बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इनमें अधिकांश कर्मचारी घर के नजदीक पदस्थापन, स्वास्थ्य समस्याओं और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तबादले की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि विभाग के पास फर्स्ट ग्रेड, सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के साथ-साथ नॉन-टीचिंग स्टाफ के भी बड़ी संख्या में आवेदन पहुंच रहे हैं। हालांकि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
मदन दिलावर ने कहा कि कई शिक्षक अपने निवास स्थान के निकट स्कूल में पदस्थापन चाहते हैं, ताकि उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इसके अलावा कई कर्मचारी माता-पिता की सेवा, बच्चों की बीमारी, स्वयं के स्वास्थ्य और अन्य पारिवारिक कारणों का हवाला देकर तबादले की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग सभी आवेदनों पर नियमानुसार विचार कर रहा है और पात्र मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
खाली पदों पर मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री के अनुसार जिन स्थानों पर पद रिक्त हैं, वहां पात्र कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर तबादले का अवसर दिया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों के मामलों पर भी विचार किया जा रहा है, जो लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि विभागीय आवश्यकताओं और उपलब्ध पदों को ध्यान में रखते हुए तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
फर्स्ट ग्रेड में प्रमोट हुए कर्मचारियों को राहत नहीं
मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों का हाल ही में फर्स्ट ग्रेड में प्रमोशन हुआ है या जिनका फर्स्ट ग्रेड में पहले ही तबादला किया जा चुका है, उनके नए तबादला आवेदनों पर फिलहाल विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस श्रेणी के कर्मचारियों को वर्तमान पदस्थापन पर ही कार्य करना होगा।
थर्ड ग्रेड शिक्षकों पर अभी निर्णय बाकी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि थर्ड ग्रेड शिक्षक जिला संवर्ग के कर्मचारी होते हैं। उनकी नियुक्ति और वरिष्ठता जिला स्तर पर निर्धारित होती है। ऐसे में यदि उनका दूसरे जिले में तबादला किया जाता है तो उनकी वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है।
दिलावर ने कहा कि जिले से बाहर तबादला होने पर संबंधित शिक्षक की सीनियरिटी समाप्त होने जैसी स्थिति बन सकती है। इससे प्रशासनिक और सेवा संबंधी कई जटिलताएं भी पैदा हो सकती हैं।
इसी वजह से थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों का मामला संवेदनशील माना जा रहा है और सरकार इस विषय के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद होगा फैसला
शिक्षा मंत्री ने कहा कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया जाएगा। फिलहाल इस वर्ग के शिक्षकों को सरकार के आधिकारिक निर्णय का इंतजार करना होगा।
शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर बढ़ती हलचल के बीच अब सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं, खासकर थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों को लेकर।