दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन से अगवा किए गए 5 साल के मासूम को राजस्थान के झुंझुनूं में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बच्चे को सैनिक एक्सप्रेस ट्रेन में लेकर जा रहे एक संदिग्ध व्यक्ति पर खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रहे परिवार को शक हुआ। उनकी सतर्कता और समझदारी के चलते अपहरण की साजिश का पर्दाफाश हो गया।
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मासूम को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है। उसके परिजन दिल्ली से झुंझुनूं के लिए रवाना हो चुके हैं।
जीआरपी सीकर के थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे जयपुर कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। खाटूश्यामजी जा रहे यात्री आकाश कुमार ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर बताया कि सैनिक एक्सप्रेस के एस-1 कोच में एक व्यक्ति के साथ बैठा बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में नजर आ रहा है।
आकाश कुमार को बच्चे के हावभाव देखकर शक हुआ। जब उन्होंने आरोपी से बच्चे के बारे में पूछताछ की तो वह घबरा गया। इसके बाद ट्रेन में मौजूद अन्य यात्रियों ने भी उसे घेर लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
झुंझुनूं स्टेशन पर दबोचा गया आरोपी
सूचना मिलते ही झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम अलर्ट हो गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही पुलिस ने आरोपी और बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां निवासी उमाशंकर शर्मा के रूप में हुई। आरोपी एक पैर से दिव्यांग है और नकली पैर की सहायता से चलता है।
बोला- बच्चा बड़ा होकर मेरी सेवा करेगा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह ट्रेनों में भीख मांगकर गुजारा करता है। मुंबई में हुए एक रेल हादसे में उसका एक पैर कट गया था।
आरोपी ने दावा किया कि उसने दिल्ली कैंट स्टेशन के पास बच्चे को अकेला देखा था। उसके आसपास कोई नहीं था, इसलिए वह उसे अपने साथ ले आया। उसने पुलिस को बताया कि वह बच्चे को पालना-पोसना चाहता था ताकि बड़ा होकर वह उसकी देखभाल और सेवा कर सके।
दिल्ली कैंट से हुआ था अपहरण
इसी दौरान दिल्ली कैंट में बच्चे की मां ने आरपीएफ को बेटे के लापता होने की सूचना दी थी। जब झुंझुनूं में मिले बच्चे की तस्वीर दिल्ली भेजी गई तो परिजनों ने उसकी पहचान कर ली।
इसके बाद बच्चे के माता-पिता तुरंत झुंझुनूं के लिए रवाना हो गए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उसके परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
यात्रियों की सतर्कता बनी मासूम की ढाल
अगर ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने समय रहते संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान नहीं दिया होता, तो बच्चा काफी दूर ले जाया जा सकता था। इस मामले में यात्री आकाश कुमार और अन्य लोगों की सतर्कता ने एक बड़े अपराध को समय रहते उजागर कर दिया।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। वहीं मासूम पूरी तरह सुरक्षित है और जल्द ही अपने परिवार से मिल जाएगा।