बीकानेर में झोपड़ियों में भीषण आग: सोते हुए 7 लोग बाल-बाल बचे, सामान जलकर राख

बीकानेर की ढाणी में दो झोपड़ियों में देर रात आग लग गई। अंदर सो रहे रामस्वरूप सहित 7 लोग बाल-बाल बच गए। चूल्हे या दीपक से आग लगने की आशंका, सारा सामान जलकर राख।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 2, 2025 • 5:41 PM  20
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राजस्थान
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बीकानेर में झोपड़ियों में भीषण आग: सोते हुए 7 लोग बाल-बाल बचे, सामान जलकर राख
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बीकानेर में झोपड़ियों में भीषण आग: सोते हुए 7 लोग बाल-बाल बचे, सामान जलकर राख

बीकानेर (राजस्थान), 2 दिसंबर 2025: राजस्थान के बीकानेर जिले की एक छोटी सी ढाणी में रात के सन्नाटे को चीरती हुई आग की लपटों ने दो झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त इन झोपड़ियों में कुल 7 लोग गहरी नींद में थे, लेकिन सतर्कता और समय रहते बाहर निकलने की वजह से सभी बाल-बाल बच गए। आग की चपेट में आकर झोपड़ियों का सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे प्रभावित परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रारंभिक जांच में दीपक या चूल्हे से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

घटना का विवरण घटना बीकानेर जिले के एक ग्रामीण इलाके की ढाणी में देर रात घटी। स्थानीय निवासी रामस्वरूप की झोपड़ी में आग सबसे पहले भड़की, जो तेजी से फैलकर बगल वाली दूसरी झोपड़ी तक पहुंच गई। रामस्वरूप, उनकी पत्नी, दो छोटे बच्चे, उनकी माता और दो भतीजे—ये सातों सदस्य उस वक्त झोपड़ी के अंदर सो रहे थे। आग की शुरुआत संभवतः रसोई के चूल्हे या जलते दीपक से हुई, जो रात में बुझना भूल गए। ग्रामीण इलाके होने के कारण झोपड़ियां सूखे लकड़ी और तिरपाल से बनी हुई थीं, जिसकी वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।रामस्वरूप ने बताया कि वह अचानक धुएं की गंध से जागे। बाहर झांकते ही आग की लपटें दिखाई दीं, जिन्होंने झोपड़ी को घेर लिया था। उन्होंने तुरंत परिवार के सदस्यों को जगाया और सभी को बाहर निकाल लिया। भाग्यवश, सभी सदस्यों को ज्यादा चोट नहीं लगी, लेकिन धुएं से हल्का असर जरूर हुआ। बगल वाली झोपड़ी में रहने वाले परिवार के सदस्य भी सतर्क हो गए और उन्होंने भी अपना सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की तेज रफ्तार ने सब कुछ लील लिया।

नुकसान का आंकलन आग की चपेट में दोनों झोपड़ियों का सारा सामान जलकर भस्म हो गया। रामस्वरूप के परिवार का घरेलू सामान, कपड़े, अनाज, बर्तन और बच्चों के खिलौने तक राख हो गए। अनुमान है कि नुकसान की राशि लाखों में हो सकती है, हालांकि सटीक आंकड़े अभी स्पष्ट नहीं हैं। ग्रामीण इलाके में रहने वाले इस गरीब परिवार के लिए यह हादसा विनाशकारी साबित हुआ है। परिवार अब खुले आसमान के नीचे रात काट रहा है, और पड़ोसियों की मदद से ही गुजारा कर रहा है।

आग बुझाने के प्रयास और सहायता घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने हड़बड़ी में पानी और मिट्टी के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। आग की तीव्रता के कारण शुरुआती प्रयास नाकाम रहे, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता से आग को काबू में करने में सफलता मिली। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और शेष बचे हिस्सों को ठंडा किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रारंभिक पूछताछ की।

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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