पचपदरा रिफाइनरी का मास्टरप्लान! यूनिवर्सिटीज़ की ज़मीनों पर नजर, जानिए क्या है सरकार की पूरी तैयारी
बाड़मेर की पचपदरा रिफाइनरी को लेकर राजस्थान में दो बड़े फैसले लिए गए हैं। रिफाइनरी से निकलने वाले पेट्रोल-डीजल को बेचने के लिए सरकार राजस्थान यूनिवर्सिटी और MBM यूनिवर्सिटी समेत प्रदेश के बड़े कॉलेजों की खाली जमीनों पर पेट्रोल पंप खोलने जा रही है। वहीं दूसरी तरफ, पचपदरा रिफाइनरी के कच्चे माल से जयपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से पॉलीफिल्म प्लांट लगाया जाएगा, जिससे अब राज्य की सरकारी डेयरियों के लिए दूध की पैकेजिंग थैलियां खुद RCDDF तैयार करेगा।
जयपुर। बाड़मेर के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) को लेकर राजस्थान सरकार ने दो ऐसे बड़े फैसले लिए हैं, जो सीधे तौर पर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा और डेयरी उद्योग की सूरत बदलने वाले हैं। एक तरफ पचपदरा रिफाइनरी से निकलने वाले पेट्रोल और डीजल को बेचने के लिए प्रदेश के बड़े-बड़े कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज की जमीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, तो दूसरी तरफ इसी रिफाइनरी के कच्चे माल (Raw Material) से अब आपके घर आने वाली दूध की थैली भी तैयार होगी।
जयपुर में ₹150 करोड़ का पॉलीफिल्म प्लांट: दूध की हर थैली पर लिखा होगा 'मेड इन RCDDF'
राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDDF) ने दूध पैकेजिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब जयपुर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक पॉलीफिल्म प्लांट लगाया जाएगा।
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किसकी मदद से बनेगा प्लांट? इसके लिए RCDDF जल्द ही हिंदुस्तान रिफाइनरी लिमिटेड (HRCL) के साथ MOU करने जा रहा है।