महिलाओं को सताने वाले मनचलों की पुलिस ने निकाली कुंडली, 698 सिम उड़ाए, अब होगी FIR

राजस्थान में महिलाओं और लड़कियों के ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर साइबर पुलिस सख्त हो गई है। 5100 शिकायतों के डेटा एनालिसिस के बाद 698 सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। अब मनचलों का पैटर्न ट्रैक कर सीधे एफआईआर दर्ज की जा रही है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
September 4, 2026 • 8:40 PM  179
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महिलाओं को सताने वाले मनचलों की पुलिस ने निकाली कुंडली, 698 सिम उड़ाए, अब होगी FIR
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महिलाओं को सताने वाले मनचलों की पुलिस ने निकाली कुंडली, 698 सिम उड़ाए, अब होगी FIR

महिलाओं और लड़कियों को फोन या सोशल मीडिया के जरिए परेशान करने वाले मनचलों की अब खैर नहीं है। फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी हो या लगातार कॉल और मैसेज कर हैरेसमेंट करना, राजस्थान साइबर पुलिस ने ऐसे अपराधियों के खिलाफ अपना डिजिटल डंडा चलाना शुरू कर दिया है। स्टेट साइबर क्राइम विंग ने कड़ा एक्शन लेते हुए करीब 5100 शिकायतों का डेटा खंगाला है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत अब तक 698 मोबाइल सिम कार्ड्स को पूरी तरह ब्लॉक करवाया जा चुका है।

डेटा एनालिसिस से खुल रही मनचलों की पोल

पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ सिम बंद करने तक सीमित नहीं है। साइबर पुलिस अब 'एक शिकायत, एक कार्रवाई' की पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर डेटा एनालिसिस के जरिए अपराधियों के पूरे नेटवर्क और पैटर्न को पकड़ रही है। टेक्नोलॉजी की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि:

सिर्फ सिम ब्लॉक नहीं, गंभीर मामलों में सीधे FIR

प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर तुरंत संबंधित मोबाइल नंबर का सिम बंद किया जा रहा है। इसके अलावा गंभीर प्रकृति के मामलों में स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देकर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

साइबर अधिकारी सुमित मेहरडा ने बताया कि साइबर हरैसमेंट के कुछ मामलों में महिलाओं को लंबे समय से परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। कई मामलों में लगातार फोन, मैसेज या दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस अब ऐसे मामलों का स्थानीय स्तर पर सत्यापन करवाती है और आरोपों की पुष्टि होते ही एफआईआर दर्ज की जाती है। खास बात यह है कि अगर शिकायत पुरानी भी है, तो उसे रिकॉर्ड से बाहर नहीं किया जा रहा है, बल्कि उसकी भी पूरी जांच हो रही है।

अपराधियों को पकड़ने का 'थ्री-लेयर' एक्शन प्लान

साइबर अपराधियों और मनचलों पर नकेल कसने के लिए राजस्थान में तीन स्तरों पर कार्रवाई का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है:

  1. स्टेट लेवल डेटा एनालिसिस: राजस्थान में साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) के जरिए पूरे राज्य के साइबर अपराध डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

  2. जिला स्तरीय तकनीकी जांच: जिला साइबर टीमें तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने और स्थानीय स्तर पर मामलों की जांच करने का काम कर रही हैं।

  3. स्थानीय थाने की कार्रवाई: जरूरत पड़ने पर और मामला गंभीर होने पर स्थानीय थाना पुलिस के जरिए तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जा रही है।

राजस्थान साइबर पुलिस का यह नया और आक्रामक रुख स्पष्ट संदेश है कि डिजिटल दुनिया में छिपकर महिलाओं को परेशान करने वाले अपराधी अब किसी भी कीमत पर पुलिस के रडार से बच नहीं पाएंगे।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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