SMS अस्पताल के डॉक्टरों ने जोड़ा युवक का कटा प्राइवेट पार्ट, 40 दिन बाद पूरी तरह स्वस्थ हुआ मरीज

जयपुर के एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने 29 वर्षीय युवक के कटे हुए प्राइवेट पार्ट को सफल सर्जरी के जरिए दोबारा जोड़ दिया। प्रेमिका द्वारा हमले के बाद युवक को चार घंटे के भीतर अस्पताल लाया गया, जहां प्लास्टिक एवं रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग ने जटिल ऑपरेशन किया। करीब 40 दिनों के इलाज के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और सामान्य रूप से पेशाब करने में सक्षम है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 15, 2026 • 4:35 PM  7
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राजस्थान
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SMS अस्पताल के डॉक्टरों ने जोड़ा युवक का कटा प्राइवेट पार्ट, 40 दिन बाद पूरी तरह स्वस्थ हुआ मरीज
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SMS अस्पताल के डॉक्टरों ने जोड़ा युवक का कटा प्राइवेट पार्ट, 40 दिन बाद पूरी तरह स्वस्थ हुआ मरीज

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 29 वर्षीय युवक के कटे हुए प्राइवेट पार्ट को दोबारा जोड़ दिया। करीब 40 दिनों तक चले इलाज और लगातार निगरानी के बाद अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य रूप से पेशाब करने में सक्षम है।

यह घटना 31 मई की है, जब युवक की प्रेमिका ने कथित तौर पर ब्लेड से उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक ने प्रेमिका को बिना बताए दूसरी जगह शादी कर ली थी। इसी बात से नाराज होकर प्रेमिका ने उस पर हमला कर दिया।

घटना के चार घंटे के भीतर शुरू हुई इमरजेंसी सर्जरी

घटना के तुरंत बाद युवक को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। अस्पताल पहुंचने के लगभग चार घंटे के भीतर प्लास्टिक एवं रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग की टीम ने मरीज की हालत को देखते हुए तत्काल ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

यह जटिल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार जैन के मार्गदर्शन में यूनिट हेड डॉ. संगीता ठाकुरानी और उनकी टीम ने पूरी रात मेहनत कर सफलतापूर्वक पूरी की।

स्टेप-बाय-स्टेप जोड़े गए क्षतिग्रस्त अंग

डॉ. राकेश कुमार जैन ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान कटे हुए मूत्रमार्ग (यूरिन पाइप) और क्षतिग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज़) को अत्यंत सावधानी और बारीकी से स्टेप-बाय-स्टेप जोड़ा गया। सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम लगातार मरीज की निगरानी करती रही, जिससे अंग ने धीरे-धीरे सामान्य रूप से कार्य करना शुरू कर दिया।

करीब 40 दिनों के उपचार के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया है और सामान्य जीवन जीने की स्थिति में है।

समय पर इलाज से बच सकते हैं कटे हुए अंग

डॉ. जैन ने कहा कि ऐसी गंभीर चोटों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि मरीज को शुरुआती कुछ घंटों के भीतर विशेषज्ञ डॉक्टरों और उचित चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल तक पहुंचा दिया जाए, तो कटे हुए अंगों को भी दोबारा जोड़कर बचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों में यह धारणा है कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए होती है, जबकि वास्तव में यह गंभीर दुर्घटनाओं में कटे हुए अंगों को जोड़ने, जलने के मामलों, कैंसर के बाद शरीर के हिस्सों के पुनर्निर्माण और जन्मजात विकृतियों के इलाज में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डॉक्टरों की अपील

यूनिट हेड डॉ. संगीता ठाकुरानी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी हादसे में शरीर का कोई अंग कट जाए या गंभीर चोट लग जाए तो समय बिल्कुल भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को तुरंत ऐसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए जहां प्लास्टिक एवं रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में अंगों को दोबारा जोड़कर सामान्य कार्यक्षमता लौटाई जा सकती है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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