बारिश आई तो सामने आ गई बड़ी लापरवाही! अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से

बाड़मेर में मानसून की पहली बारिश ने राहत के साथ बड़ी परेशानी भी खड़ी कर दी है। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जल निकासी और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

TEAM KHATAK
TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Editor
July 25, 2026 • 12:54 PM  8
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राजस्थान
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बारिश आई तो सामने आ गई बड़ी लापरवाही! अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन से

पहली बारिश ने बाड़मेर की खोली हकीकत, शहर से गांव तक बढ़ी मुश्किलें

बाड़मेर। मरुधरा के बाड़मेर जिले में मानसून की पहली अच्छी बारिश ने जहां भीषण गर्मी और लंबे सूखे से राहत पहुंचाई है, वहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई नई परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पहली ही बारिश में नगर परिषद और जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।


कई कॉलोनियों में जलभराव, लोगों का जनजीवन प्रभावित

बारिश के बाद बाड़मेर शहर के निचले इलाकों और कई नई कॉलोनियों में सड़कों, गलियों और खाली भूखंडों में पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर घरों के बाहर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में हालात बिगड़ जाते हैं। कई इलाकों में सड़कें छोटे तालाब जैसी दिखाई देने लगीं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।


ग्रामीण इलाकों में खेतों में भरा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता

शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई गांवों में खेतों में लगातार पानी भर जाने से खरीफ सीजन की बुवाई और शुरुआती फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही और खेतों से पानी की निकासी नहीं हुई, तो फसलें प्रभावित हो सकती हैं। इससे उनकी मेहनत और आर्थिक स्थिति दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।


जल निकासी और आपदा प्रबंधन पर उठे सवाल

बारिश के बाद सबसे ज्यादा सवाल प्रशासन की तैयारियों को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जल निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। कई संवेदनशील इलाकों में न तो अतिरिक्त पंप लगाए गए और न ही जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए विशेष टीमें सक्रिय दिखाई दीं।

लोगों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज होता है, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।


राहत भी, चुनौती भी

मानसून की बारिश ने जहां तापमान में गिरावट लाकर लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं जलभराव और खेतों में पानी भरने जैसी समस्याओं ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल निकासी व्यवस्था समय पर सुधारी जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की निकासी पर ध्यान दिया जाए, तो संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फिलहाल बाड़मेर में मानसून की शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि बारिश राहत लेकर जरूर आई है, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों की वास्तविक स्थिति भी पहली ही बरसात में सामने आ गई है।

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