एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में एसपी का बयान, बोले- हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

जैसलमेर के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में एसपी अभिषेक शिवहरे ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है तथा पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। मामले में दो आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं, जबकि जांच जारी है और अन्य दोषियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 20, 2026 • 11:21 AM  4
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राजस्थान
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एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में एसपी का बयान, बोले- हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
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एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में एसपी का बयान, बोले- हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

जैसलमेर। जैसलमेर में चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामले में पुलिस हिरासत के दौरान प्रताड़ना के आरोपों पर पहली बार जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक शिवहरे ने विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपियों की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुलिस किसी भी प्रकार की बर्बरता या अमानवीय व्यवहार में विश्वास नहीं रखती। पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है और इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एसपी शिवहरे ने कहा कि गिरफ्तारी के तीन दिन बाद कान का पर्दा फटने और महिला आरोपी का गर्भपात होने जैसे आरोप लगाए जाना तथ्यों से मेल नहीं खाता। यदि इस तरह की कोई घटना हुई होती तो उसका तत्काल चिकित्सकीय रिकॉर्ड और प्रमाण सामने आते। पुलिस कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रही है और जांच के हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

5 जुलाई को सामने आया था नकल का मामला

मामले की शुरुआत 5 जुलाई 2026 को हुई, जब जैसलमेर के रामगढ़ रोड स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर एलडीसी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर रिलीवर के रूप में तैनात पदमसिंह ने महिला अभ्यर्थी मनु कंवर को नकल कराने के उद्देश्य से प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर पहुंचाया। इसके बाद प्रश्नपत्र हल करवाकर दोबारा परीक्षा कक्ष में लाकर अभ्यर्थी की टेबल पर रख दिया गया।

9 मिनट तक गायब रही सीसीटीवी रिकॉर्डिंग

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग करीब 9 मिनट तक उपलब्ध नहीं है। आरोप है कि इसी अवधि में प्रश्नपत्र बाहर ले जाकर हल कराया गया और फिर वापस परीक्षा कक्ष में पहुंचाया गया। इस कारण पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहरा हो गया।

हालांकि एसपी अभिषेक शिवहरे ने सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलने को लेकर तकनीकी कारण बताए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग से रिपोर्ट मंगवाई गई थी। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार उस समय क्षेत्र में आंधी-तूफान और तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। प्रारंभिक जांच में डीवीआर या सीसीटीवी फुटेज के साथ किसी मानवीय छेड़छाड़ अथवा साक्ष्य नष्ट किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट से मिली जमानत

नकल और परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के बाद जैसलमेर पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, मारपीट, कान का पर्दा फटने और महिला आरोपी का गर्भपात होने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के आधार पर मामला अदालत पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को जमानत मिल गई।

एएसपी के लौटते ही आगे बढ़ेगी जांच

एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) फिलहाल अवकाश पर हैं। उनके ड्यूटी पर लौटते ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी।

एसपी ने दोहराया कि पुलिस का उद्देश्य केवल सत्य को सामने लाना है। जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के लगाए गए आरोपों को उन्होंने तथ्यहीन बताते हुए कहा कि जांच के दौरान कानून और मानवाधिकारों का पूरी तरह पालन किया गया है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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