भाई की मौत का सदमा नहीं सह सकी बहन, एक घंटे बाद तोड़ा दम; सवाई माधोपुर की भावुक कर देने वाली घटना

सवाई माधोपुर के खंडार क्षेत्र में 87 वर्षीय हरफूल गुर्जर की अचानक मौत के बाद उनकी 83 वर्षीय बहन फूला देवी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं। भाई के निधन की सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। एक घंटे के अंतराल में भाई-बहन की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के अनुसार अब उनकी पीढ़ी का कोई भी भाई-बहन जीवित नहीं बचा है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 20, 2026 • 12:25 PM  5
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राजस्थान
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भाई की मौत का सदमा नहीं सह सकी बहन, एक घंटे बाद तोड़ा दम; सवाई माधोपुर की भावुक कर देने वाली घटना
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भाई की मौत का सदमा नहीं सह सकी बहन, एक घंटे बाद तोड़ा दम; सवाई माधोपुर की भावुक कर देने वाली घटना

सवाई माधोपुर: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से भाई-बहन के अटूट रिश्ते की एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 87 वर्षीय भाई की अचानक मौत की खबर सुनते ही 83 वर्षीय बहन गहरे सदमे में चली गई और करीब एक घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। एक ही दिन और महज एक घंटे के अंतराल में भाई-बहन की मौत से दोनों परिवारों सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

यह घटना 11 जुलाई की सुबह खंडार तहसील के कटार और सोनकच्छ गांव की है। जानकारी के अनुसार कटार गांव निवासी हरफूल गुर्जर (87) सुबह करीब 7 बजे नहाने के बाद घर के आंगन में रखी चारपाई पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और मौके पर ही उनका निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक हरफूल गुर्जर पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं थी।

भाई की मौत की खबर सुनते ही टूट गई बहन

हरफूल गुर्जर के निधन की सूचना करीब पांच किलोमीटर दूर सोनकच्छ गांव में रहने वाली उनकी छोटी बहन फूला देवी (83) को दी गई। जैसे ही उन्हें भाई के निधन की जानकारी मिली, वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार लगातार उन्हें ढांढस बंधाते रहे और मानसिक रूप से संभालने का प्रयास करते रहे।

सांत्वना देते रहे परिजन, फिर भी नहीं बच सकीं

रिश्तेदार रामजीलाल ने उन्हें लूगड़ा भेंट किया, जबकि रामप्रसाद ने भगवद्गीता के 12वें अध्याय का पाठ सुनाकर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की। कुछ समय तक वह सामान्य दिखाई दीं, लेकिन भाई के निधन की खबर मिलने के लगभग एक घंटे बाद उनकी भी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली।

पूरे क्षेत्र में छाया मातम

भाई-बहन की एक घंटे के अंतराल में हुई मौत की खबर फैलते ही कटार, सोनकच्छ और आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण दोनों परिवारों के घर पहुंचे और शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट भी दोनों परिवारों के घर पहुंचे। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भाई-बहन के बीच इतना गहरा भावनात्मक रिश्ता आज के समय में बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे भगवान राम के वनवास जाने के बाद राजा दशरथ पुत्र वियोग सहन नहीं कर सके थे, उसी तरह यह घटना भी रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।

परिवार की एक पीढ़ी का हुआ अंत

परिजनों के अनुसार हरफूल गुर्जर और फूला देवी सहित परिवार में कुल पांच भाई-बहन थे। समय के साथ सभी भाई-बहनों का निधन हो चुका है। हरफूल और फूला देवी की मौत के बाद परिवार की इस पीढ़ी का अब कोई भी भाई-बहन जीवित नहीं बचा है।

यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को भावुक कर गई। भाई-बहन के अटूट प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव की यह कहानी लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहेगी।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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