सियासत, शादी और धोखा? पूर्व विधायक के पति ने धोखे से लिया था तलाक, कोर्ट ने कहा- 'खेल अभी खत्म नहीं हुआ!

जालोर की पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल के पारिवारिक विवाद में नया मोड़ आया है। जालोर पारिवारिक न्यायालय ने पति बाबूलाल द्वारा लिए गए एकतरफा तलाक को निरस्त कर दिया है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 24, 2026 • 5:34 PM  4
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राजस्थान
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सियासत, शादी और धोखा? पूर्व विधायक के पति ने धोखे से लिया था तलाक, कोर्ट ने कहा- 'खेल अभी खत्म नहीं हुआ!
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सियासत, शादी और धोखा? पूर्व विधायक के पति ने धोखे से लिया था तलाक, कोर्ट ने कहा- 'खेल अभी खत्म नहीं हुआ!

राजस्थान के जालोर जिले की पूर्व भाजपा विधायक अमृता मेघवाल का पारिवारिक विवाद एक बार फिर से सुर्खियों में छा गया है। जालोर पारिवारिक न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उनके पति बाबूलाल की ओर से करीब दो साल पहले लिए गए एकतरफा तलाक (Ex-parte Divorce) को रद्द कर दिया है। अदालत ने इस मामले की मूल कार्यवाही को फिर से बहाल कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है।

तलाक मिलने के बाद पति बाबूलाल ने दूसरी शादी भी कर ली

जालोर पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अमर वर्मा ने 21 अगस्त 2026 को यह अहम फैसला सुनाया। पूर्व विधायक अमृता मेघवाल ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि तलाक की प्रक्रिया के दौरान उनके पति ने नोटिस उस पते पर भेजे जहां वह रहती ही नहीं थीं। इसके अलावा, जिस अखबार में तलाक का नोटिस प्रकाशित करवाया गया, उसकी प्रसार संख्या राजस्थान में नाममात्र की थी।

न्यायालय ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए माना कि अमृता को कानूनी रूप से नोटिस की समुचित तामील नहीं हुई थी और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। अदालत ने पूर्व में पारित एकतरफा तलाक की डिक्री को निरस्त कर दिया है और दोनों पक्षों को फिर से सुनवाई का अवसर दिया है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि तलाक मिलने के बाद पति बाबूलाल ने दूसरी शादी भी कर ली है।

कैसे शुरू हुआ राजनीति से पारिवारिक रंजिश का सफर?

अमृता और बाबूलाल मेघवाल का रिश्ता राजनीति के इर्द-गिर्द ही परवान चढ़ा और उसी की भेंट चढ़ गया:

  • 2008 में हुई थी शादी: जालोर की रामदेव कॉलोनी निवासी बाबूलाल मेघवाल ने 2008 में अमृता से सामाजिक रीति-रिवाजों से विवाह किया था।

  • राजनीति में एंट्री: राजनीति का शौक रखने वाले बाबूलाल ने ही अमृता को सबसे पहले जिला परिषद का चुनाव लड़वाया, जिससे पार्टी में उनकी पहचान बनी।

  • 2013 की ऐतिहासिक जीत: मोदी लहर के दौरान बाबूलाल ने संगठन में अपनी मजबूत पैठ का फायदा उठाते हुए कद्दावर नेता जोगेश्वर गर्ग का टिकट कटवाकर पत्नी अमृता को जालोर (SC आरक्षित) सीट से टिकट दिलवाया। अमृता ने इस चुनाव में करीब 45 हजार मतों से शानदार जीत दर्ज की थी।

टिकट कटने के बाद आई रिश्तों में दरार

पांच साल तक वसुंधरा सरकार के दौरान पति-पत्नी के रिश्ते मधुर रहे और उनकी एक बेटी भी हुई। लेकिन, 2018 के विधानसभा चुनाव में जब पार्टी ने अमृता का टिकट काटकर वापस जोगेश्वर गर्ग को दे दिया, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों एक-दूसरे पर टिकट कटने का ठीकरा फोड़ने लगे।

2019 के लोकसभा चुनाव आते-आते संबंध पूरी तरह बिगड़ चुके थे। बात यहां तक पहुंच गई कि जयपुर में विधायक रहते हुए अमृता ने जो फ्लैट खरीदा था, उसमें पति बाबूलाल की एंट्री तक बंद कर दी गई। रिश्तेदारों की समझाइश के बाद भी जब बात नहीं बनी, तो 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बाबूलाल ने तलाक की अर्जी लगा दी और 7 जून 2023 को कोर्ट से एकतरफा तलाक मंजूर हो गया।

2024 के विवाद ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

तलाक के करीब एक साल बाद, 2024 में यह मामला तब और गरमा गया जब अमृता मेघवाल ने जालोर की रामदेव कॉलोनी स्थित बाबूलाल के घर का ताला तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और परस्पर पुलिस केस भी दर्ज हुए। इसी विवाद के बाद अमृता ने कानूनी लड़ाई तेज करते हुए एकतरफा तलाक को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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