नशा मुक्ति के लिए नई पहल: जयपुर SMS मेडिकल कॉलेज में ATF सेंटर शुरू, दवा से लेकर काउंसलिंग तक सब फ्री

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मनोचिकित्सा केंद्र में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) की शुरुआत हो गई है। यहाँ नशे की लत से जूझ रहे मरीजों को मुफ्त दवाएं, काउंसलिंग और इलाज मिलेगा। मरीज की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor
August 24, 2026 • 3:36 PM  4
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नशा मुक्ति के लिए नई पहल: जयपुर SMS मेडिकल कॉलेज में ATF सेंटर शुरू, दवा से लेकर काउंसलिंग तक सब फ्री
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24 Aug 2026
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नशा मुक्ति के लिए नई पहल: जयपुर SMS मेडिकल कॉलेज में ATF सेंटर शुरू, दवा से लेकर काउंसलिंग तक सब फ्री

नशे की लत से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के लिए राजधानी जयपुर से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजकीय मनोचिकित्सा केंद्र (साइकियाट्रिक सेंटर) में अब एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) पूरी तरह से शुरू हो गई है। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को नशे की लत छुड़ाने के लिए उपयोग होने वाली लगभग सभी दवाएं और इलाज बिल्कुल मुफ्त मिलेगा। मरीजों को बाहर से एक भी दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन सभी नशों से मिलेगा छुटकारा

राजकीय मनोचिकित्सा केंद्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो विभिन्न प्रकार के नशों की गिरफ्त में हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इनमें सबसे ज्यादा संख्या 20 से 45 वर्ष के युवाओं की होती है। इस सेंटर में निम्नलिखित नशों की लत का वैज्ञानिक और प्रमाणित उपचार किया जा रहा है:

केंद्र सरकार के सहयोग से मिलेंगी मुफ्त दवाएं

अब तक इस केंद्र में मरीजों की जांच, भर्ती और काउंसलिंग की सुविधा तो मुफ्त थी, लेकिन नशामुक्ति से जुड़ी दवाओं के विकल्प काफी सीमित थे। मरीजों की इस परेशानी को देखते हुए, केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के विशेष सहयोग से यह एटीएफ (ATF) शुरू की गई है।

अब इलाज में इस्तेमाल होने वाली लगभग सभी प्रकार की दवाओं की सीधी आपूर्ति एम्स (AIIMS) से सम्बद्ध नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC), गाजियाबाद के माध्यम से की जा रही है। दवाओं के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों की नियमित काउंसलिंग भी की जाएगी, ताकि इलाज के बाद मरीज दोबारा नशे की तरफ न लौटे।

मरीज की पहचान रहेगी 100% गोपनीय

नशा मुक्ति केंद्रों में जाने से कतराने वाले लोगों के लिए अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीज की पहचान और उसके उपचार से जुड़ी पूरी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय (Confidential) रखी जाएगी।

"हमारा मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को बिना किसी झिझक के इस सरकारी सुविधा का लाभ दिलाना है, ताकि वे नशे के दलदल से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। नशा मुक्ति का वैज्ञानिक और प्रमाणित उपचार अब एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जिससे मरीजों को ना तो भटकना पड़ेगा और ना ही उन पर कोई आर्थिक बोझ पड़ेगा।"- डॉ. योगेश सतीजा, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय मनोचिकित्सा केंद्र

24 घंटे उपलब्ध है 'टेली-मानस' हेल्पलाइन

अगर कोई व्यक्ति नशे, तनाव, अवसाद या किसी भी प्रकार की मानसिक परेशानी से जूझ रहा है, तो वह राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल कर सकता है। इस टोल-फ्री नंबर पर चौबीसों घंटे निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है और यहाँ भी कॉलर की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026Sub Editor

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