ऊर्जा मंत्री की बैठक में 6 मिनट तक गुल रही बिजली, अंधेरे में ही अधिकारियों को लगाई फटकार

कोटा में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की समीक्षा बैठक के दौरान अचानक करीब छह मिनट तक बिजली गुल हो गई, जिससे मंत्री और अधिकारी अंधेरे में ही बैठक करते रहे। बाद में जनरेटर से बिजली बहाल की गई। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को काम टालने की प्रवृत्ति छोड़ने, विकास कार्यों की समय पर मॉनिटरिंग करने और नई तकनीक अपनाकर ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 19, 2026 • 4:10 PM  1
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
ऊर्जा मंत्री की बैठक में 6 मिनट तक गुल रही बिजली, अंधेरे में ही अधिकारियों को लगाई फटकार
“ऊर्जा मंत्री की बैठक में 6 मिनट तक गुल रही बिजली, अंधेरे में ही अधिकारियों को लगाई फटकार”
Favicon
Read more onthekhatak.com/s/d7b065
19 Jul 2026
https://thekhatak.com/s/d7b065
Google News
Copied
ऊर्जा मंत्री की बैठक में 6 मिनट तक गुल रही बिजली, अंधेरे में ही अधिकारियों को लगाई फटकार

कोटा: कोटा में रविवार को एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला, जब ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अधिकारियों के साथ चल रही समीक्षा बैठक के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री खुद करीब छह मिनट तक जिला परिषद सभागार में अंधेरे में बैठे रहे। हालांकि बिजली जाने के बावजूद बैठक नहीं रुकी और मंत्री अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करते रहे। बाद में जनरेटर चालू कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

बैठक दोपहर करीब 1:15 बजे जिला परिषद सभागार में शुरू हुई थी। ऊर्जा मंत्री सांगोद विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान जब वे सड़कों के निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे, तभी अचानक सभागार की बिजली चली गई।

बिजली गुल होते ही कर्मचारियों ने तुरंत सभागार की खिड़कियों के पर्दे हटा दिए ताकि प्राकृतिक रोशनी अंदर आ सके। वहीं बाहर मौजूद कर्मचारी जनरेटर चालू करने में जुट गए। करीब छह मिनट बाद जनरेटर के माध्यम से बिजली बहाल हुई, जिसके बाद बैठक सामान्य रूप से जारी रही।

बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कई अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति अब बंद करनी होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को तय समयसीमा में कार्य पूरे करने होंगे तथा विकास योजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी।

मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मंत्री ने नया फॉर्मूला भी सुझाया। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन-तीन ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर प्रत्येक क्लस्टर के लिए जूनियर इंजीनियर (जेईएन) की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही जेईएन को संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नियमित रूप से बैठने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके।

बैठक में खेतों तक जाने वाले रास्तों और श्मशान घाटों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बरसात के मौसम में किसी भी गांव से ऐसी खबर नहीं आनी चाहिए कि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को तिरपाल का सहारा लेना पड़े। उन्होंने सभी श्मशानों तक पक्के रास्ते बनाने, जहां जरूरत हो वहां जमीन आवंटित करने तथा टीन शेड के स्थान पर आरसीसी मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक अपनाने पर भी ऊर्जा मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंटरलॉकिंग और सीसी रोड के साथ मजबूत 'वी-शेप' पत्थर की नालियां बनाई जाएं। जो नालियां 60 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, उन्हें दोबारा बनाया जाए। उन्होंने पत्थर की चारदीवारी बनाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि यह महंगी होने के साथ जल्दी खराब भी हो जाती है, इसलिए नई और किफायती तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए।

सामुदायिक भवनों के निर्माण को लेकर भी मंत्री ने सुझाव दिया कि भारी-भरकम आरसीसी भवन बनाने के बजाय 17 से 18 फीट ऊंचे टीन शेड वाले विशाल डोम तैयार किए जाएं। इससे निर्माण लागत कम होगी और भवनों का उपयोग भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सीएसआर योजनाओं तथा लटूरी स्थित गोवर्धन परियोजना के तहत स्थापित गोबर गैस प्लांट की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से भविष्य में इस प्लांट से गैस सिलेंडर भरने की योजना का विस्तृत रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमल कुमार मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कर्मचारी मौजूद रहे।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter