इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के लालच में बाड़मेर का युवक ठगी का शिकार, 1930 पर शिकायत करते ही खुद CM भजनलाल शर्मा ने उठाया फोन
बाड़मेर के भैराराम इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के झांसे में साइबर ठगी का शिकार हो गए।



सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने का लालच एक युवक को भारी पड़ गया। बाड़मेर निवासी भैराराम इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगों के जाल में फंस गए और पैसे गंवा बैठे। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनकी शिकायत खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंच जाएगी।
मुख्यमंत्री उस समय जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में नवगठित राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान सिस्टम पर भैराराम की लाइव शिकायत सामने आई, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वयं रिसीव किया।
CM ने पीड़ित को दिया भरोसा
भैराराम ने मुख्यमंत्री को बताया कि इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स बढ़ाने का ऑफर देकर साइबर अपराधियों ने उनसे पैसे ट्रांसफर करवा लिए और उनके खाते से रकम निकाल ली। मुख्यमंत्री ने पूरी बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने वाले अपराधियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
शिकायत से कार्रवाई तक की प्रक्रिया देखी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायत दर्ज होने से लेकर संबंधित थाना और बैंक तक सूचना पहुंचने की पूरी डिजिटल प्रक्रिया का लाइव निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है और पीड़ित को जल्द राहत मिलनी चाहिए।
R4C के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अलग भवन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति भी होगी जब्त
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्ति और कमाई भी जब्त की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते हैं, उन्हें भी बराबर का दोषी माना जाएगा।
1930 हेल्पलाइन हुई और मजबूत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल 1930 हेल्पलाइन पर आने वाली लगभग 95 प्रतिशत शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जा रही है। पहले जहां 30 लाइनों पर कॉल रिसीव होती थीं, अब यह संख्या बढ़ाकर 53 कर दी गई है। जल्द ही इसे 60 लाइनों तक बढ़ाया जाएगा।
गोल्डन आवर्स में खाते होंगे ब्लॉक
साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती 1 से 2 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी दौरान यदि संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाए तो पीड़ित की रकम बचाई जा सकती है। इसी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 21 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सभी प्रमुख बैंक शामिल होंगे। लक्ष्य है कि हेल्पलाइन से सूचना मिलते ही 5 मिनट के भीतर संदिग्ध खाते ब्लॉक किए जा सकें।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने किया पुलिस मुख्यालय, जयपुर में स्थित अत्याधुनिक R4C यूनिट का निरीक्षण।
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साइबर अपराध पर लगातार अभियान
जून 2026 तक राजस्थान में पांच लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामलों में 412 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। वहीं, गृह मंत्रालय ने डिजिटल जांच को मजबूत करने के लिए राजस्थान के 54 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए चुना है।
इसके अलावा पुलिस मुख्यालय ऑपरेशन वज्र प्रहार, ऑपरेशन साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस और ऑपरेशन म्यूल हंटर जैसे अभियानों के जरिए हजारों फर्जी सिम और आईएमईआई नंबर ब्लॉक करने की कार्रवाई भी कर रहा है।
राजस्थान पुलिस: सेवा, संबल और सुरक्षा की ओर बढ़ते आधुनिक कदम।
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय, राजस्थान (जयपुर) में पहुंचकर अत्याधुनिक 'R4C प्रोजेक्ट' एवं मजबूत संचार तंत्र का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया। पुलिस मुख्यालय पहुँचने पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय का… pic.twitter.com/QeowTIabnl — Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) July 18, 2026
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी ऑफर, फॉलोअर्स बढ़ाने के दावे या अनजान लिंक पर आंख बंद करके भरोसा न करें। यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।











































