थलापति विजय की जीत से क्या राजस्थान की सियासत में होगा कोई बदलाव ,क्या खत्म होगा BJP-कांग्रेस का खेल?
तमिलनाडु में थलापति विजय की चुनावी सफलता के बाद देशभर में नई राजनीतिक संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। इसका असर राजस्थान तक दिखाई दे रहा है, जहां रविंद्र सिंह भाटी के समर्थक तीसरे विकल्प की उम्मीद जता रहे हैं। हालांकि राज्य की पारंपरिक BJP-कांग्रेस राजनीति के बीच बदलाव को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
6 मई 2026 :- पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद देश की राजनीति में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—तमिलनाडु के अभिनेता से नेता बने थलापति विजय। पहली बार पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में उतरे विजय ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा सीटें हासिल कीं और अब कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
विजय की इस जीत ने सिर्फ दक्षिण भारत ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी राजनीतिक संदेश दिया है—खासकर युवाओं और नए चेहरों को। इसी कड़ी में राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
भाटी समर्थकों में क्यों बढ़ा जोश?