**पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के नापाक निर्णय: बोले, "हम इसे युद्ध का आगाज मानते हैं"**

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त कदमों से बौखलाए पाकिस्तान ने वीजा निलंबन, हवाई क्षेत्र बंदी, और मिसाइल परीक्षण जैसे उकसावे वाले निर्णय लिए। उसने भारत के कदमों को "युद्ध का आगाज" करार देते हुए शिमला समझौते का उल्लंघन किया। ये कदम उसकी हताशा को दर्शाते हैं और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रहे हैं।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
April 24, 2025 • 7:45 PM  43
भारत
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**पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के नापाक निर्णय: बोले, "हम इसे युद्ध का आगाज मानते हैं"**
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24 Apr 2025
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**पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के नापाक निर्णय: बोले, "हम इसे युद्ध का आगाज मानते हैं"**

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है। इस कायरतापूर्ण हमले में 27 निर्दोष लोगों की जान गई और कई घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान की धरती से संचालित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने ली। भारत ने इस नापाक हरकत का जवाब सख्त कदमों से दिया, जिसमें सिंधु जल समझौता रद्द करना, अटारी-वाघा बॉर्डर चेकपोस्ट बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना, और पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का अल्टीमेटम देना शामिल है। इन कदमों से बौखलाए पाकिस्तान ने 24 अप्रैल 2025 को कई हताश और उकसावे वाले निर्णय लिए, साथ ही धमकी भरे लहजे में कहा, "हम भारत के इन कदमों को युद्ध का आगाज मानते हैं।" ये कदम न केवल उसकी कमजोरी को उजागर करते हैं, बल्कि 1972 के शिमला समझौते की भावना का भी खुला उल्लंघन करते हैं, जिसके तहत दोनों देशों ने विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का वादा किया था। नीचे पाकिस्तान के इन निर्णयों का विस्तृत विश्लेषण है:

### 1. **भारतीय नागरिकों के लिए वीजा निलंबन: खोखली धमकी**
पाकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सुविधा को तत्काल निलंबित कर दिया, केवल सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर के लिए छूट दी। यह कदम भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने के जवाब में है, लेकिन यह केवल एक दिखावटी प्रतिक्रिया है। पाकिस्तान में भारतीयों की संख्या नगण्य है, और यह निर्णय उसकी कूटनीतिक नाकामी को ही उजागर करता है। यह कदम उसकी जनता को भड़काने की नाकाम कोशिश है, जो भारत के सामने उसकी कमजोर स्थिति को और स्पष्ट करता है।

### 2. **भारतीयों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश: बेमानी फरमान**
पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों (सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर) को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया। यह भारत के समान आदेश की नकल है, लेकिन हकीकत में यह बेमानी है। पाकिस्तान में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी न के बराबर है, और यह आदेश केवल उसकी हताशा को दर्शाता है। यह कदम भारत के सख्त रुख के सामने पाकिस्तान की बेबसी को रेखांकित करता है।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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