अलवर में नीलगाय हत्या कानून के खिलाफ विरोध: जैन समाज और किसानों ने उठाई आवाज
अलवर में नीलगाय हत्या कानून के विरोध में जैन समाज और किसानों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इसे कंपनियों के हित में बताया और कानून वापस लेने की मांग की।
राजस्थान के Alwar में नीलगाय की हत्या से जुड़े कानून के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को शहर के अहिंसा सर्किल पर दिगंबर जैन महासभा समिति, अलवर संभाग के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसमें जैन समाज और किसानों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसान कभी भी किसी जीव की हत्या नहीं चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलगाय को मारने की अनुमति देने वाला कानून किसानों के हित में नहीं, बल्कि चर्बी और हड्डी के व्यापार से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है।
किसान नेता वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि इस कानून के पीछे बड़ी कंपनियों की साजिश हो सकती है, जो नीलगाय के मांस, चर्बी और हड्डियों के व्यापार से जुड़ी हैं। उनका कहना है कि पिछले 20 वर्षों से इस मुद्दे पर विरोध जारी है और सरकार को इस कानून को वापस लेना चाहिए।