अजमेर NEET परीक्षा केंद्र पर हिजाब-बुर्के को लेकर हंगामा, जांच के बाद छात्रा को मिली एंट्री

अजमेर में NEET री-एग्जाम के दौरान एक छात्रा को बुर्का और हिजाब पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचने पर रोक दिया गया।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 21, 2026 • 5:10 PM  2
राजस्थान
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अजमेर NEET परीक्षा केंद्र पर हिजाब-बुर्के को लेकर हंगामा, जांच के बाद छात्रा को मिली एंट्री
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अजमेर NEET परीक्षा केंद्र पर हिजाब-बुर्के को लेकर हंगामा, जांच के बाद छात्रा को मिली एंट्री

राजस्थान के अजमेर में आयोजित NEET री-एग्जाम के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर बुर्का और हिजाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा को सुरक्षा जांच के दौरान रोक दिए जाने पर उसके परिजनों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस हो गई, जिससे कुछ समय के लिए केंद्र के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालांकि बाद में एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच पूरी कर छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई।

जानकारी के अनुसार, ब्यावर क्षेत्र की रहने वाली छात्रा कुलसुम बानो अपने परिजनों के साथ अजमेर स्थित परीक्षा केंद्र पहुंची थी। छात्रा ने धार्मिक परंपरा के अनुसार बुर्का और हिजाब पहन रखा था। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान उसे रोक लिया गया और सुरक्षाकर्मियों ने बुर्का हटाने की बात कही। इस पर छात्रा और उसके परिजनों ने आपत्ति जताते हुए एनटीए के नियमों का हवाला दिया।

छात्रा ने कहा कि एनटीए की गाइडलाइंस के अनुसार धार्मिक एवं पारंपरिक पोशाक पहनकर परीक्षा देने की अनुमति है। उसने यह भी बताया कि मुख्य NEET परीक्षा के दौरान भी उसने इसी तरह की पोशाक पहनी थी और तब उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई थी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में छात्रा की अलग प्राइवेसी कक्ष में विस्तृत जांच की गई। जांच में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिलने पर उसे बुर्का और हिजाब के साथ ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया गया।

क्या कहते हैं एनटीए के नियम?

एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थी धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंच सकते हैं। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले पहुंचना आवश्यक होता है ताकि सुरक्षा जांच पूरी की जा सके।

गाइडलाइंस के अनुसार हिजाब, बुर्का, सिख पगड़ी और अन्य पारंपरिक धार्मिक परिधानों की अनुमति है, लेकिन उनकी विशेष जांच की जाती है। महिला अभ्यर्थियों की जांच केवल महिला सुरक्षा कर्मियों द्वारा और उनकी निजता का ध्यान रखते हुए की जाती है।

इसके अलावा धातु से बनी वस्तुओं जैसे सेफ्टी पिन, मेटल क्लिप और बड़े धातु बटन पर प्रतिबंध रहता है। सुरक्षा जांच के दौरान ऐसी वस्तुएं हटानी पड़ सकती हैं।

समय पर पहुंचने की सलाह

एनटीए के अनुसार पारंपरिक पोशाक पहनकर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को सामान्य रिपोर्टिंग समय से कम से कम एक से डेढ़ घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना चाहिए, ताकि सुरक्षा जांच के कारण उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अजमेर में हुआ यह विवाद शुरुआती गलतफहमी और नियमों की जानकारी के अभाव के कारण बढ़ा, लेकिन बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप और एनटीए की गाइडलाइंस के पालन से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया।

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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