अमृतसर में रॉकेट हमला: अंधेरे में हुआ हमला, पुलिस और सेना मौके पर पहुंची
अमृतसर में 7-8 मई 2025 की रात संदिग्ध रॉकेट हमले की खबरों ने हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों ने कठुनंगल, मजीठा और करतारपुर जैसे इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनीं, जिसे कुछ ने रॉकेट या मिसाइल हमला बताया। पुलिस और सेना तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन अमृतसर पुलिस ने विस्फोट की पुष्टि नहीं की और इसे अफवाह करार दिया। यह घटना भारत के ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के कथित ड्रोन-मिसाइल हमलों के जवाब में हुई। ब्लैकआउट ड्रिल और तनाव के बीच स्कूल, हवाई अड्डे बंद किए गए। स्थिति नियंत्रण में है, और सरकार ने अफवाहों से बचने की अपील की।
अमृतसर, 8 मई 2025: पंजाब के अमृतसर शहर में बीती रात भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच संदिग्ध रॉकेट हमले की खबरें सामने आईं, जिसके बाद शहर में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद पुलिस और सेना तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी विस्फोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों ने देर रात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनने की बात कही है।
पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के 15 शहरों, जिनमें अमृतसर, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और चंडीगढ़ शामिल हैं, में ड्रोन और मिसाइलों के जरिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय सेना ने इन हमलों को नाकाम कर दिया और कई जगहों पर हमले का मलबा बरामद किया। यह घटना भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में थी, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और PoJK में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। पाकिस्तान ने इन हमलों का जवाब देने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया, लेकिन भारत ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।
अमृतसर में रात 10:30 बजे से 11:00 बजे और फिर 1:30 बजे के आसपास ब्लैकआउट ड्रिल आयोजित की गई, जो गृह मंत्रालय के आदेश पर देशव्यापी सिविल डिफेंस ड्रिल ऑपरेशन अभ्यास का हिस्सा थी। इस दौरान बिजली काटी गई और लोगों से घरों में रहने की अपील की गई। ब्लैकआउट और धमाकों की अफवाहों के कारण अमृतसर और बटाला में लोगों ने किराने का सामान जमा करना शुरू कर दिया। गोल्डन टेंपल का आंशिक अंधेरा दृश्य भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जो इस ड्रिल का हिस्सा था।