बांग्लादेश में आग का तूफान शेख हसीना विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा, मीडिया ऑफिस जले, अवामी लीग दफ्तर तबाह, हिंदू युवक को जिंदा जलाया!
बांग्लादेश में जुलाई क्रांति के प्रमुख नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत (18 दिसंबर 2025) के बाद देशभर में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। हादी को 12 दिसंबर को ढाका में गोली मारी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने प्रोथोम आलो और डेली स्टार के ऑफिसों में आगजनी की, अवामी लीग से जुड़े दफ्तरों पर हमला किया तथा भारत-विरोधी नारे लगाए। इसी हिंसा के बीच मयमंसिंह में ब्लास्फेमी के आरोप में एक हिंदू युवक दीपु चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को जला दिया। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने शांति की अपील की और 20 दिसंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया.
ढाका/राजशाही/मयमंसिंह, 19 दिसंबर 2025: बांग्लादेश एक बार फिर अशांति की आग में झुलस रहा है। जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत की खबर फैलते ही देश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे। प्रदर्शनकारियों ने न केवल अवामी लीग से जुड़े दफ्तरों को निशाना बनाया, बल्कि देश के दो प्रमुख मीडिया हाउस – प्रथम आलो और डेली स्टार – के ऑफिसों में घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इस हिंसा में एक हिंदू युवक को धार्मिक अपमान के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया और उसके शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है, लेकिन सड़कों पर गुस्सा अभी थमा नहीं है।
हादी की मौत कैसे हुई?
32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी जुलाई क्रांति के नायक थे, जो शेख हसीना सरकार के पतन में अहम भूमिका निभा चुके थे। वे अवामी लीग और भारत के कट्टर आलोचक थे। 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान मास्क पहने हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर सिंगापुर ले जाया गया। छह दिन जीवन-मृत्यु से जूझने के बाद 18 दिसंबर की रात करीब 9:45 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अंतरिम सरकार ने इसे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए 50 लाख टका का इनाम घोषित किया है।