बाड़मेर जिले में सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल की बदहाली: एक ही हॉल में 4 कक्षाएं, बच्चों का भविष्य खतरे में

बाड़मेर के कुंभार और मुस्लिम भवन में एक ही हॉल में 4 सरकारी इंग्लिश मीडियम कक्षाएं चल रही हैं, जिससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षिका ने जमीन आवंटन की मांग की है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 3, 2025 • 1:47 PM  24
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
बाड़मेर जिले में सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल की बदहाली: एक ही हॉल में 4 कक्षाएं, बच्चों का भविष्य खतरे में
“बाड़मेर जिले में सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल की बदहाली: एक ही हॉल में 4 कक्षाएं, बच्चों का भविष्य खतरे में”
Favicon
Read more on thekhatak.com
3 Nov 2025
https://thekhatak.com/barmer-government-english-medium-school-four-classes-one-hall-crisis
Google News
Copied
बाड़मेर जिले में सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल की बदहाली: एक ही हॉल में 4 कक्षाएं, बच्चों का भविष्य खतरे में

बाड़मेर, 3 नवंबर 2025: राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला एक मार्मिक मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल की चारों कक्षाएं एक ही सामुदायिक हॉल में संचालित हो रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मामला कुंभार और मुस्लिम भवन का है, जहां सीमित संसाधनों के कारण शिक्षण प्रक्रिया लगभग असंभव हो चुकी है। एक वीडियो संदेश के माध्यम से स्कूल की एक महिला शिक्षिका ने इस समस्या को उठाया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई है, बल्कि पूरे राज्य की सरकारी शिक्षा प्रणाली की कमियों को उजागर कर रही है।

स्कूल का इतिहास और वर्तमान संकट;   स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि यह संस्थान पहले गेहूं रोड पर स्थित था। वहां का किराये का एग्रीमेंट समाप्त हो जाने के बाद स्कूल को खाली करवा दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने इसे कुंभार और मुस्लिम भवन नामक सामुदायिक हॉल में स्थानांतरित कर दिया। शुरुआत में यहां पढ़ाई सुचारू रूप से चली, लेकिन जल्द ही समस्याओं का अंबार लग गया। मुख्य समस्या: चारों कक्षाओं (संभवतः कक्षा 1 से 4 या 5 तक) को एक ही हॉल में समायोजित करना पड़ रहा है। इससे शोर-शराबा, एक-दूसरे की पढ़ाई में बाधा और एकाग्रता की कमी जैसी दिक्कतें पैदा हो रही हैं। शिक्षिका ने कहा, "बच्चों की सारी क्लास एक ही भवन में लगती है, इसलिए सही से पढ़ाई नहीं हो पाती।" 

अन्य चुनौतियां: सामुदायिक हॉल होने के कारण उचित फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, वेंटिलेशन या प्राइवेसी की कमी है। गर्मी के मौसम में रेगिस्तानी इलाके की तपिश और सर्दियों में ठंड अतिरिक्त परेशानी पैदा करती है। इसके अलावा, स्कूल के लिए अलग भवन या जमीन का अभाव है, जो बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को प्रभावित कर रहा है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter