बीजेपी ने बदला गेमप्लान, धर्मेंद्र प्रधान बने चुनाव प्रभारी, मौर्य-पाटिल को बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि केशव प्रसाद मौर्य और सीआर पाटिल सह-प्रभारी होंगे। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और गठबंधन को एकजुट रखने की रणनीति बनाई है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत करते हुए बड़ा ऐलान किया है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल को सह-प्रभारी बनाया गया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को इस नियुक्ति की घोषणा की, जिसे पार्टी की चुनावी तैयारियों में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान: बीजेपी के संकटमोचक और रणनीतिकार
धर्मेंद्र प्रधान को बिहार जैसे जटिल राजनीतिक परिदृश्य में चुनाव प्रभारी बनाए जाने को पार्टी की रणनीति का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले प्रधान पूर्वी भारत की राजनीति को गहराई से समझते हैं और संगठनात्मक मजबूती के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति का मकसद बिहार के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए एनडीए गठबंधन को मजबूत करना है। प्रधान ने पहले भी कई राज्यों में बीजेपी की चुनावी रणनीति को सफलतापूर्वक संभाला है और बिहार में उनकी भूमिका गठबंधन के सहयोगियों, जैसे जदयू, लोजपा, और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, के साथ तालमेल को और बेहतर करने की दिशा में होगी।
सह-प्रभारियों की भूमिका: मौर्य और पाटिल का अनुभव आएगा काम
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल को सह-प्रभारी बनाए जाने से बीजेपी ने बिहार में अपनी रणनीति को और पुख्ता किया है। मौर्य, जो उत्तर प्रदेश में ओबीसी समुदाय के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं, बिहार के सामाजिक समीकरणों को साधने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, सीआर पाटिल का संगठनात्मक अनुभव और गुजरात में बीजेपी की सफल रणनीतियों को बिहार में लागू करने की उम्मीद की जा रही है। इसके अतिरिक्त, लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब को भी सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जो पूर्वी भारत के राजनीतिक परिदृश्य को समझने में सक्षम हैं।