पुलिस के अनुसार 27 जून की रात आरोपी आयुषी शर्मा ने अपने घर पर हत्या की साजिश में शामिल लोगों के साथ कथित रूप से तंत्र-मंत्र कराया था। जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस इन फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उस रात वहां कौन-कौन मौजूद था तथा उनकी साजिश में क्या भूमिका थी।
एक महीने पहले भी हत्या की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि नीरज शर्मा की हत्या की पहली योजना करीब एक महीने पहले बनाई गई थी। आरोपी ब्लैक रंग की थार गाड़ी लेकर जयपुर पहुंचे थे और नीरज शर्मा को वाहन से कुचलकर मारने की योजना बनाई थी। हालांकि उस समय सड़क पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके।
इसके बाद आरोपियों ने नई योजना बनाई और 3 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान स्कॉर्पियो से तेज रफ्तार में टक्कर मारकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी।
130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मारी टक्कर
पुलिस जांच के अनुसार स्कॉर्पियो करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई और नीरज शर्मा को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
7 लाख रुपए की सुपारी देकर कराई हत्या
पुलिस के मुताबिक इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड बलराम उर्फ रवि है। आरोप है कि उसने भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा को नीरज शर्मा की हत्या करने के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी दी थी। हेमंत ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
दो बाइक जब्त, ब्लैक थार की तलाश जारी
जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल जब्त कर ली हैं। वहीं पहली नाकाम हत्या की कोशिश में इस्तेमाल की गई ब्लैक थार की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस विभिन्न जिलों में दबिश देकर वाहन और फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
मृतका के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के भाई राकेश शर्मा ने भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आयुषी पहले अपनी मां के साथ रहती थी, लेकिन पिता विजय वशिष्ठ की मौत के बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया और वह अपने ताऊ के साथ रहने लगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयुषी पहले भी अपनी मां के साथ मारपीट कर चुकी थी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके जीजा विजय वशिष्ठ की ब्रेन हेमरेज के दौरान अस्पताल से समय से पहले घर ले जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। राकेश शर्मा ने इस मामले में भी अलग एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है तथा ताऊ मोहन और उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की मांग की है।
संपत्ति और सरकारी नौकरी के लिए रची गई साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार आयुषी शर्मा ने कथित रूप से संपत्ति पर कब्जा और अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) पाने की मंशा से अपनी मां की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि उसने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और सुपारी देकर हत्या करवाई।
सात आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब भी फरार
पुलिस ने अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, मोहित शर्मा, अरविंद शर्मा और रोहित जाटव शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
जांच का दायरा लगातार बढ़ा
पुलिस अब केवल हत्या की साजिश ही नहीं, बल्कि संपत्ति विवाद, आर्थिक लेन-देन, अनुकंपा नियुक्ति की संभावित मंशा, सीसीटीवी फुटेज, कथित तंत्र-मंत्र और फरार आरोपियों के नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।