1.69 लाख का इनामी ड्रग तस्कर गिरफ्तार, पत्नी जंगल में पहुंचाती थी खाना; 15 दिन चरवाहा बनकर पुलिस ने पकड़ा

राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1.69 लाख रुपए के इनामी अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर सुनील रावत मीणा को आठ महीने लंबे 'ऑपरेशन नीलमणि' के तहत गिरफ्तार किया गया। आरोपी जंगलों में छिपकर रह रहा था और उसकी पत्नी उसे खाना पहुंचाती थी। पुलिस ने 15 दिन तक चरवाहा बनकर रेकी की और आधी रात को घर से उसे दबोच लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत 19 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 9, 2026 • 11:29 AM  2
क
क्राइम
NEWS CARD
Logo
1.69 लाख का इनामी ड्रग तस्कर गिरफ्तार, पत्नी जंगल में पहुंचाती थी खाना; 15 दिन चरवाहा बनकर पुलिस ने पकड़ा
“1.69 लाख का इनामी ड्रग तस्कर गिरफ्तार, पत्नी जंगल में पहुंचाती थी खाना; 15 दिन चरवाहा बनकर पुलिस ने पकड़ा”
Favicon
Read more onthekhatak.com/s/36fb1b
9 Jul 2026
https://thekhatak.com/s/36fb1b
Google News
Copied
1.69 लाख का इनामी ड्रग तस्कर गिरफ्तार, पत्नी जंगल में पहुंचाती थी खाना; 15 दिन चरवाहा बनकर पुलिस ने पकड़ा

जयपुर/नीमच। राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना 1.69 लाख रुपए का इनामी अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर सुनील रावत मीणा (27) आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से आठ महीने तक चले विशेष अभियान 'ऑपरेशन नीलमणि' के तहत 7 जुलाई की आधी रात को मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जयपुर लाया गया।

ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया कि सुनील राजस्थान के नारको टॉप-25 अपराधियों की सूची में शामिल था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी सहित 19 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कई बार पुलिस पर फायरिंग कर चुका था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

जंगलों में बदलता था ठिकाना, पत्नी पहुंचाती थी खाना

पुलिस के अनुसार सुनील कई वर्षों से अपने घर से दूर जंगलों में छिपकर रह रहा था। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन का पता न लगा सके। उसकी पत्नी तय स्थान पर खाना छोड़ जाती थी, जिसे उसके साथी जंगल में सुनील तक पहुंचाते थे। इसी वजह से पुलिस के लिए उसे पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।

चरवाहा बनकर 15 दिन तक जुटाई जानकारी

इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए ANTF ने करीब 15 दिन पहले अपने एक कॉन्स्टेबल को चरवाहे के भेष में नीमच जिले के गमेरपुरा गांव भेजा। जवान ने गांव में रहकर स्थानीय गतिविधियों पर नजर रखी और सुनील की आवाजाही तथा उसके संपर्कों की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। इसी दौरान मुख्यालय स्तर पर आरोपी के पूरे नेटवर्क की तकनीकी निगरानी भी की जा रही थी।

गर्लफ्रेंड के जरिए पहुंचते थे संदेश

जांच में सामने आया कि सुनील गांव की एक युवती, जिसे पुलिस उसकी गर्लफ्रेंड बता रही है, के संपर्क में भी था। दोनों एक छोटे बच्चे के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान करते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस लगातार इस पूरे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी।

दावत और बारिश बनी गिरफ्तारी की वजह

8 जुलाई को चरवाहा बने जवान ने सूचना दी कि सुनील के घर पर दावत चल रही है। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। पुलिस ने अनुमान लगाया कि खराब मौसम के कारण सुनील जंगल लौटने के बजाय घर में ही रुक सकता है। सूचना मिलते ही ANTF और मध्य प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने आधी रात को घर की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।

ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर छिपा मिला

दबिश के दौरान सुनील की पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि घर में कोई नहीं है। लेकिन जब पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली तो सुनील अर्द्धनग्न अवस्था में एक ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर छिपा मिला। पकड़े जाने पर उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को 'दिनेश' बताया, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसकी असली पहचान सामने आ गई। गैंग के अन्य सदस्यों के मौके पर पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस उसे तुरंत वहां से सुरक्षित रवाना हो गई।

पुलिस पर कई बार कर चुका था फायरिंग

पुलिस के मुताबिक सुनील ने राजस्थान के पाली जिले के सांडेराव और देसूरी तथा प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी क्षेत्र में पुलिस टीमों पर फायरिंग की थी। इन हमलों में कॉन्स्टेबल रणवीर और चंद्रपाल घायल हुए थे। इसके अलावा उसने मध्य प्रदेश के जीरन थाना क्षेत्र में भी पुलिस पर हमला किया था। इसी वजह से वह दोनों राज्यों की पुलिस के लिए सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था।

क्या है 'ऑपरेशन नीलमणि'

ऑपरेशन नीलमणि राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और मध्य प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान है। करीब आठ महीने तक चले इस विशेष ऑपरेशन का उद्देश्य राजस्थान और मध्य प्रदेश में सक्रिय कुख्यात अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर सुनील रावत मीणा को गिरफ्तार करना था। लगातार तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और जमीनी स्तर पर की गई रेकी के बाद पुलिस को आखिरकार इस अभियान में बड़ी सफलता मिली।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter