धर्म परिवर्तन केस में हाईकोर्ट ने क्यों कहा— 'संगठित सिंडिकेट की तरह कर रहे थे काम'? जानिए पूरी खबर
उदयपुर के ऋषभदेव में कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में जोधपुर हाईकोर्ट ने 14 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि आरोपी संगठित तरीके से काम कर रहे थे। हालांकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद दोबारा जमानत याचिका दायर करने की छूट दी गई है।
ऋषभदेव धर्म परिवर्तन मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 14 आरोपियों की जमानत खारिज
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव में सामने आए कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार 14 आरोपियों को जोधपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए मामले को गंभीर प्रकृति का माना है।
जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध रिकॉर्ड और जांच के आधार पर यह मामला सामान्य नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी एक संगठित नेटवर्क (सिंडिकेट) की तरह काम कर रहे थे, इसलिए इस स्तर पर उन्हें जमानत देना उचित नहीं होगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जून 2026 का है। पुलिस के अनुसार 5, 6 और 7 जून को उदयपुर के ऋषभदेव क्षेत्र में एक धार्मिक शिविर आयोजित किया गया था। शिकायत के आधार पर आरोप है कि इस शिविर की आड़ में कुछ लोगों को कथित रूप से डराकर, दबाव बनाकर और लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।