दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक व्हाट्सएप ने 350 करोड़ यूज़र्स को खतरे में डाला.

नवंबर 2025 में ऑस्ट्रिया (विएना यूनिवर्सिटी + SBA रिसर्च) के सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने खुलासा किया कि व्हाट्सएप में एक पुरानी (2017 से मौजूद) तकनीकी खामी की वजह से दुनिया भर के करीब 3.5 अरब एक्टिव फोन नंबर्स को कोई भी व्यक्ति आसानी से स्क्रैप कर सकता है। यह कोई हैक नहीं, बल्कि अनलिमिटेड "कॉन्टैक्ट डिस्कवरी" फ्लॉ है जिससे प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और एक्टिव स्टेटस भी लीक हो जाता है। यह डेटा डार्क वेब पर बिक रहा है और भारत समेत पूरी दुनिया में स्पैम, जॉब फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम्स की असली वजह यही है। मेटा को 2024 में भी वार्निंग दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई फिक्स नहीं आया। चैट्स की एन्क्रिप्शन सुरक्षित है, पर फोन नंबर अब "वेरिफाइड डिजिटल आईडी" बन चुका है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 20, 2025 • 1:06 PM  14
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दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक  व्हाट्सएप ने 350 करोड़ यूज़र्स को खतरे में डाला.
“दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक व्हाट्सएप ने 350 करोड़ यूज़र्स को खतरे में डाला.”
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20 Nov 2025
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दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक  व्हाट्सएप ने 350 करोड़ यूज़र्स को खतरे में डाला.

रात के सन्नाटे में फोन की घंटी बजती है। स्क्रीन पर चमकता है एक अनजान नंबर – "हैलो, क्या आप जॉब इंटरव्यू के लिए तैयार हैं?" या फिर बस एक साधारण 'हाय'। आप इग्नोर कर देते हैं, लेकिन मन में सवाल कौंधता है: ये नंबर मुझे कैसे मिला? अगर नवंबर 2025 की एक चौंकाने वाली रिसर्च पर यकीन करें, तो जवाब इतना सरल नहीं। ये कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सिस्टम की गहरी खामी का नतीजा है, जिसने दुनिया भर के 3.5 अरब व्हाट्सएप यूजर्स के फोन नंबर्स को 'पब्लिक प्रॉपर्टी' बना दिया। हां, आपने सही पढ़ा – 3.5 बिलियन! ये न सिर्फ इतिहास का सबसे बड़ा डेटा एक्सपोजर है, बल्कि एक ऐसी चेतावनी जो हर स्मार्टफोन यूजर के लिए घंटी बजा रही है।

विएना की लैब से निकला 'बम' – कैसे खुली पोल?

सब कुछ शुरू हुआ ऑस्ट्रिया के विएना शहर से। यहां यूनिवर्सिटी ऑफ विएना और एसबीए रिसर्च के आईटी सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एक रूटीन टेस्टिंग के दौरान व्हाट्सएप के सिस्टम में एक बुनियादी लेकिन घातक कमी ढूंढ निकाली। इसे तकनीकी दुनिया में 'कॉन्टैक्ट डिस्कवरी फ्लॉ' कहा जा रहा है। सरल शब्दों में समझें: व्हाट्सएप का ऐप जब आप किसी नंबर को ऐड करने की कोशिश करते हैं, तो वो चेक करता है कि वो नंबर वैलिड यूजर है या नहीं। लेकिन रिसर्चर्स ने पाया कि इसमें कोई लिमिट नहीं है! कोई भी व्यक्ति एक साधारण स्क्रिप्ट (ऑटोमेटेड प्रोग्राम) चला सकता है, जो घंटों में करोड़ों रैंडम फोन नंबर्स को 'प्रॉब' (टेस्ट) कर सकता है।परिणाम? हर वैलिड नंबर पर व्हाट्सएप बैक प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन स्टेटस और यहां तक कि यूजर की एक्टिविटी का संकेत भेज देता है – बिना किसी अलर्ट के। रिसर्चर्स ने खुद ये टेस्ट किया और सिर्फ कुछ दिनों में 3.5 बिलियन एक्टिव अकाउंट्स की पूरी डायरेक्टरी डाउनलोड कर ली। ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि ये दुनिया की कुल आबादी से दोगुना है, क्योंकि व्हाट्सएप के 2 बिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, लेकिन फ्लॉ की वजह से लगभग हर संभावित नंबर कवर हो गया। और सबसे डरावनी बात? ये कमी 2017 से ही मौजूद थी। एक रिसर्चर ने तब मेटा को वार्निंग दी थी, लेकिन कंपनी ने इसे 'फीचर' मानकर इग्नोर कर दिया। अब, आठ साल बाद, ये 'फीचर' एक मेगा-लीक में बदल गया।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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