16.50 लाख उगाही के आरोपों में घिरे आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा की न्यायिक शक्तियां छीनी गईं
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जयपुर द्वितीय के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा से सरकार ने सभी न्यायिक, वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां वापस ले ली हैं।
राजस्थान सरकार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर द्वितीय के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा की सभी न्यायिक, अर्द्ध-न्यायिक, वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच लंबित रहने तक प्रभावी रहेगी।
उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 19 जून को जारी आदेश में कहा गया है कि ग्यारसी लाल मीणा के खिलाफ गंभीर कदाचार, पद के दुरुपयोग, आपराधिक धोखाधड़ी और न्यायपालिका के नाम पर 16.50 लाख रुपए की कथित अवैध उगाही की शिकायत प्राप्त हुई है। जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी मामले की सुनवाई करने या आदेश पारित करने की अनुमति नहीं होगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि न्यायिक और अर्द्ध-न्यायिक पदों पर कार्यरत अधिकारियों का आचरण संदेह से परे होना चाहिए। ऐसे में जब किसी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों की जांच चल रही हो, तब उन्हें पद पर बनाए रखना निष्पक्ष जांच और सुशासन के सिद्धांतों के विपरीत माना जाएगा।