पर्यटन भवन की दीवारों पर उकेरी गई शाही परंपरा, 24 कैरेट सोने से सजी तीज माता की सवारी..

राजस्थान पर्यटन भवन में 24 कैरेट सोने और गंगाजल से सजी तीज माता की शाही सवारी और ऐतिहासिक धरोहरों की भित्तिचित्रें चर्चा में हैं। वैदिक कलाकार रामू रामदेव ने आठ महीने में इन 3D पेंटिंग्स को तैयार कर राजस्थान की सांस्कृतिक भव्यता को उकेरा।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 23, 2025 • 11:53 AM  31
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पर्यटन भवन की दीवारों पर उकेरी गई शाही परंपरा, 24 कैरेट सोने से सजी तीज माता की सवारी..

राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और दुनिया के सामने पेश करने की एक अनूठी पहल राजस्थान पर्यटन भवन में देखने को मिल रही है। यहां की दीवारों पर बनी भित्तिचित्र (वॉल पेंटिंग्स) इन दिनों खूब चर्चा में हैं। कारण है इनका 24 कैरेट सोने और चांदी के वर्क से तैयार होना, जो राजस्थान की शाही और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर रहा है। इन पेंटिंग्स में तीज माता की शाही सवारी से लेकर आमेर महल, मेहरानगढ़ किला, विजय स्तंभ और डीग पैलेस जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को दर्शाया गया है। खास बात यह है कि इन चित्रों को वैदिक मंत्रों और गंगाजल के साथ तैयार किया गया है, जो इसे और भी पवित्र और विशेष बनाता है।

सातवीं पीढ़ी के कलाकार की विरासत

इन भव्य भित्तिचित्रों को तैयार करने का श्रेय जाता है वैदिक कलाकार रामू रामदेव को, जो सिटी पैलेस, जयपुर के कला एवं संस्कृति विभाग में OSD हैं। रामू, इस परंपरागत कला की सातवीं पीढ़ी के कलाकार हैं। उन्होंने बताया कि यह कला उन्हें उनके पिता अचलेश्वर प्रसाद रामदेव से विरासत में मिली है। "यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। मैंने 2018 में इसका ड्रॉइंग तैयार किया था, और इसे पूरा करने में आठ महीने से ज्यादा का समय लगा," रामू ने गर्व के साथ कहा।

उनके अनुसार, इन पेंटिंग्स में पुराने जयपुर की भव्यता और संस्कृति को दर्शाने की कोशिश की गई है। हर चित्र में राजस्थान की शाही परंपराओं को इस तरह उकेरा गया है कि यह देखने वालों को उस दौर में ले जाता है। रामू ने बताया कि तीज माता की शाही सवारी में शामिल हर किरदार—पंडित, पुरोहित, चोपदार, छड़ीदार, भाले-तलवार लिए सिपाही—के चेहरे अलग-अलग बनाए गए हैं। खास बात यह है कि रामू ने इस सवारी में अपना चेहरा भी शामिल किया है।

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