सूखी नदी भी नदी है! लूणी नदी में सड़क निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब अधिकारियों पर भी हो सकती है कार्रवाई..
बालोतरा में लूणी नदी के बहाव क्षेत्र में बनाई गई लिंक रोड को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि नदी क्षेत्र में बिना नियमों के निर्माण स्वीकार्य नहीं है। सरकार से 4 सप्ताह में शपथ-पत्र और विशेषज्ञों की रिपोर्ट मांगी गई है। मामले में निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच भी हो सकती है।
बालोतरा। पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी मानी जाने वाली लूणी नदी के क्षेत्र में बनाए गए लिंक रोड को लेकर मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। अदालत ने नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में निर्माण को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि नदी क्षेत्र की जमीन पर बिना उचित प्रक्रिया और तकनीकी जांच के निर्माण कार्य करना पर्यावरण और कानून दोनों के लिहाज से उचित नहीं है।
मामला बालोतरा जिले में छत्रियों के मोर्चा क्षेत्र से मेगा हाईवे तक बनाए गए सड़क मार्ग से जुड़ा है। आरोप है कि यह सड़क निर्धारित मार्ग के बजाय लूणी नदी के तल और बहाव क्षेत्र में बनाई गई। इसको लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी।
जांच में सामने आया नदी क्षेत्र में निर्माण का मामला