लाला सरहद में अवैध तारबंदी और बिजली करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर और गायों की मौत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

लाला सरहद में अवैध तारबंदी में बिजली करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर और 2-3 गायों की मौत, प्रशासन की अनदेखी से बार-बार ऐसी घटनाएं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 2, 2025 • 4:39 PM  45
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लाला सरहद में अवैध तारबंदी और बिजली करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर और गायों की मौत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
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लाला सरहद में अवैध तारबंदी और बिजली करंट से राष्ट्रीय पक्षी मोर और गायों की मौत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

लाला सरहद क्षेत्र में अवैध कास्ट और तारबंदी में बिजली का करंट लगाने की वजह से एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की करंट लगने से दुखद मौत हो गई। इसके साथ ही 2-3 गायों की भी बिजली के झटके से जान चली गई। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए कुछ व्यक्तियों, जिनमें आईदान सिंह, कवराज सिंह और मनोहर सिंह का नाम सामने आया है, पर अवैध रूप से तारबंदी में बिजली प्रवाहित करने का आरोप लगाया है।

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की लापरवाही के कारण बेजुबान जीवों और पशुओं की जान गई हो। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और तहसीलदार इस मामले में बार-बार अनदेखी कर रहे हैं, जिसके चलते ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। अवैध कास्ट और तारबंदी में बिजली का करंट लगाना न केवल पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए खतरा है, बल्कि यह मानव जीवन के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं। विशेष रूप से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मृत्यु ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रशासन की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मोर जैसे संरक्षित प्रजातियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि अवैध तारबंदी और बिजली के उपयोग पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों को दंडित किया जाए।

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