जंतर-मंतर से अभिजीत दिपके की हुंकार, 5 बजे तक इस्तीफा नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शाम 5 बजे तक इस्तीफा देने की मांग की, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 6, 2026 • 4:43 PM  4
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जंतर-मंतर से अभिजीत दिपके की हुंकार, 5 बजे तक इस्तीफा नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
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जंतर-मंतर से अभिजीत दिपके की हुंकार, 5 बजे तक इस्तीफा नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

जंतर-मंतर पर जुटे छात्र और युवा

नई दिल्ली। देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने विशाल प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

शिक्षा मंत्री को दिया अल्टीमेटम

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मंच से सरकार को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि शाम 5 बजे तक शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते हैं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या एक छात्र की नहीं, बल्कि पूरे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की है।

देशभर में आंदोलन की चेतावनी

दिपके ने कहा कि छात्रों का भरोसा लगातार टूट रहा है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आने वाले दिनों में देशभर के शहरों में बड़े स्तर पर आंदोलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि अगले शनिवार को फिर से व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा और विभिन्न राज्यों में भी जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।

सोनम वांगचुक ने उठाए शिक्षा सुधार के मुद्दे

इस प्रदर्शन को उस समय और बल मिला जब प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हुए। वांगचुक ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग केवल शुरुआत है। असली मुद्दा देश की पूरी शिक्षा प्रणाली में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियां और अनियमितताएं केवल एक बड़ी समस्या के लक्षण हैं। जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसे विवाद सामने आते रहेंगे।

छात्रों के अधिकारों की पैरवी

सोनम वांगचुक ने कहा कि छात्रों को केवल परीक्षा देने का अवसर ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष और विश्वसनीय मूल्यांकन का अधिकार भी मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से शिक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा कर सुधार लागू करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस रही अलर्ट

उधर, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस भी पूरी तरह सतर्क नजर आई। अधिकारियों के अनुसार, आंदोलन के समर्थन और विरोध में मौजूद कुछ समूहों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए छह लोगों को एहतियाती हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई किसी अप्रिय स्थिति को रोकने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए की गई।

छह लोगों को एहतियाती हिरासत में लिया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग प्रदर्शन स्थल के आसपास माहौल बिगाड़ने और अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी हिंसक घटना सामने नहीं आई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

शिक्षा व्यवस्था पर फिर छिड़ी राष्ट्रीय बहस

जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य को लेकर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। यदि आंदोलनकारियों की मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

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