"धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बड़ा खुलासा या बड़ा दावा? मदन राठौड़ ने प्रदर्शन, राहुल गांधी और डोटासरा पर एक साथ साधा निशाना"
क्या धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा मजबूरी में दिया या यह उनका बड़ा फैसला था? जंतर-मंतर के प्रदर्शन को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कई बड़े दावे किए। विदेशी फंडिंग से लेकर राहुल गांधी और गोविंद सिंह डोटासरा पर तीखे आरोप तक—जानिए बातचीत में उन्होंने क्या-क्या कहा और क्यों उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी।
जयपुर। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण नवाचार किए हैं और वे किसी भी स्तर पर दोषी नहीं हैं। राठौड़ ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने केवल इसलिए इस्तीफा दिया ताकि प्रधानमंत्री किसी प्रकार की दुविधा में न रहें। उनके अनुसार यह कदम उनके बड़े दिल और जिम्मेदार नेतृत्व को दर्शाता है।
शनिवार को बातचीत में मदन राठौड़ ने विपक्ष के आंदोलन और जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में राष्ट्रविरोधी और उपद्रवी तत्व सक्रिय हो गए हैं।
राठौड़ ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पुलिस पर पथराव किया और पाकिस्तान जिंदाबाद जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ नारे लगाने वाले वास्तविक छात्र नहीं हो सकते। उनका कहना था कि जब असली छात्रों को इस साजिश का एहसास हुआ तो वे प्रदर्शन से अलग हो गए।