“BJP में VIDEO कांड से भूचाल! अंदरूनी बगावत तेज, क्या होने वाली है बड़ी कार्रवाई?”
एक चर्चित वीडियो विवाद ने सियासत में हलचल मचा दी है। संगठन के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आ रही है और मामला अब बड़े स्तर तक पहुंच गया है। अंदरखाने चल रही उठापटक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या जल्द होगी बड़ी कार्रवाई?
राजस्थान के उदयपुर में चर्चित “उदयपुर फाइल्स” मामला अब केवल एक विवाद नहीं, बल्कि सियासी प्रतिष्ठा और संगठन की साख का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। लगातार सामने आ रहे वीडियो, ब्लैकमेलिंग और गंभीर आरोपों ने भारतीय जनता पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है।
संगठन में बढ़ी नाराजगी, जयपुर तक पहुंचा मामला
मामले को लेकर पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी आखिरकार खुलकर सामने आ गई। उदयपुर से भाजपा पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर पहुंचा और प्रदेश नेतृत्व को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—प्रदेश प्रभारी और महामंत्री—से मुलाकात कर बताया कि पिछले दो महीनों से चल रहा यह विवाद संगठन की छवि को आमजन के बीच नुकसान पहुंचा रहा है। हालांकि, इस दौरान किसी भी नेता ने मीडिया के सामने खुलकर बयान नहीं दिया, जिससे अंदरूनी तनाव और भी साफ झलकता है।
“वीडियो असली” के दावों के बावजूद चुप्पी पर सवाल
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस जांच में वीडियो के असली होने की बात सामने आने के बावजूद पार्टी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे हैं। इससे संगठन के भीतर असंतोष और गहराता जा रहा है। साथ ही जिला कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष के खिलाफ पुराने मामलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो इस विवाद को और जटिल बना रहे हैं।