प्रशांत किशोर का तीखा हमला: नीतीश के बाद बिहार को दिल्ली-गुजरात के इशारों पर चलने वाला बीजेपी सीएम मिलेगा, राज्य का हित नहीं गुजरात का फायदा!
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के चार महीने में इस्तीफे पर कहा कि बिहार का दुर्भाग्य है कि एक सीएम तीन महीने भी नहीं टिक पाता। बीजेपी अब दिल्ली-गुजरात के नियंत्रण में सीएम लाएगी जो मोदी-शाह के इशारों पर चलेगा और गुजरात के फायदे का काम करेगा, बिहार का विकास नहीं।
जहानाबाद, 16 मार्च 2026: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। शनिवार 14 मार्च को जहानाबाद जिले में 'बिहार नवनिर्माण यात्रा' के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में बीजेपी की सरकार बनेगी, लेकिन यह सरकार राज्य के हित में नहीं चलेगी। बल्कि यह "दिल्ली में बैठे गुजरात के लोगों के नियंत्रण" में होगी। किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अब बिहार को बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार मिलेगी और यह सरकार राज्य के लिए काम नहीं करेगी, क्योंकि यह दिल्ली में बैठे गुजरात के लोगों द्वारा नियंत्रित होगी।"
यह बयान बिहार की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता के बीच आया है। विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) ने भारी बहुमत हासिल किया था। 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए को 202 सीटें मिलीं। चुनाव के ठीक बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन चार महीने भी पूरा नहीं हुआ कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया। अब वे राज्यसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। प्रशांत किशोर ने चुनाव के दौरान ही भविष्यवाणी की थी कि एनडीए जीतने पर भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। आज उनकी यह भविष्यवाणी सही साबित हुई है। किशोर ने कहा, "चुनाव के समय मैंने कहा था कि एनडीए जीतने पर भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उस समय मेरी भविष्यवाणी गलत लग रही थी, लेकिन चार महीने से भी कम समय बाद नीतीश कुमार रास्ते से हट रहे हैं।"
किशोर ने इस अस्थिरता को बिहार का दुर्भाग्य बताया। उन्होंने इशारा किया कि बिहार में एक मुख्यमंत्री तीन-चार महीने भी नहीं टिक पा रहा है। यह राज्य की बदकिस्मती है कि राजनीतिक खेल में मुख्यमंत्री पद सिर्फ वोटों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिहार आते हैं तो सिर्फ वोट लेने के लिए। "बिहार की जनता को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खेल को समझना चाहिए। वे यहां सिर्फ वोट लूटने आते हैं।"