प्याज 2 रुपये किलो! अलवर मंडी में किसान नदी में फेंक रहे टनों प्याज, कर्ज ने तोड़ी कमर – “ किसानों का कहना जहर खाना पड़ेगा”

राजस्थान के अलवर में देश की दूसरी सबसे बड़ी प्याज मंडी में इस साल प्याज 2-5 रुपये किलो बिक रहा है, जो उत्पादन लागत (150-250 रुपये प्रति कट्टा) से भी कम है। नमी वाली फसल, महाराष्ट्र-कर्नाटक की प्रतिस्पर्धा, निर्यात बंदी और पुराने स्टॉक के कारण डिमांड गायब है। किसान प्याज नदी में फेंक रहे हैं, खेत में सड़ने दे रहे हैं या कटाई बंद कर चुके हैं। कर्ज, भूख और आत्महत्या की नौबत आ गई है। किसान एमएसपी, निर्यात खोलने और सरकारी मदद की गुहार लगा रहे हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 30, 2025 • 1:00 PM  603
राजस्थान
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प्याज 2 रुपये किलो! अलवर मंडी में किसान नदी में फेंक रहे टनों प्याज, कर्ज ने तोड़ी कमर – “ किसानों का कहना जहर खाना पड़ेगा”
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30 Oct 2025
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प्याज 2 रुपये किलो! अलवर मंडी में किसान नदी में फेंक रहे टनों प्याज, कर्ज ने तोड़ी कमर – “ किसानों का कहना जहर खाना पड़ेगा”

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित देश की दूसरी सबसे बड़ी प्याज मंडी, जो कभी श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में लाल प्याज की चमक बिखेरती थी, आज किसानों के आंसुओं से तरबतर हो चुकी है। यहां का लाल प्याज अपनी स्वादिष्ट और रंगीन किस्म के लिए मशहूर रहा है, लेकिन 2025 के इस मौसम में हालात उलट गए हैं। मंडी में प्याज की आवक तो शुरू हो गई है, मगर दाम इतने गिर चुके हैं कि किसान उत्पादन लागत भी नहीं निकाल पा रहे। 2 से 5 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा प्याज न केवल किसानों की कमर तोड़ रहा है, बल्कि उनके परिवारों को कर्ज के बोझ तले दबोच रहा है। कई किसान तो निराशा के आलम में फसल को नदी में बहा रहे हैं या खेतों में सड़ने दे रहे हैं। आइए, इस संकट की पूरी सच्चाई को गहराई से समझें, जहां मेहनत का फल जहर बन गया है।

अलवर मंडी: एशिया की दूसरी बड़ी प्याज हब, जो आज संकट की चपेट में

अलवर की प्याज मंडी महाराष्ट्र की लासलगांव के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मंडी है। यहां प्रतिदिन हजारों क्विंटल प्याज की आवक होती है, जो न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर भारत को सप्लाई करती है। इस साल अलवर जिले में करीब 16 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्याज की बुवाई हुई, जबकि पड़ोसी खैरथल-तिजारा जिले में 12 हजार हेक्टेयर से ज्यादा। दिवाली के बाद आवक तेज हो गई, मगर खुशी के बजाय चिंता की लकीरें गहरी हो गईं। मंडी के संरक्षक अभय सैनी के अनुसार, अभी तक 40-70 हजार कट्टे प्रतिदिन आ रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता की कमी से खरीदार पीछे हट गए हैं।खुले बाजार में प्याज 20 रुपये किलो तक बिक रहा है, मगर मंडी में किसानों को 200-600 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 2-6 रुपये किलो) ही मिल पा रहा है।  

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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