₹414 करोड़ के कस्टम्स फर्जीवाड़े में आरोपी शंकर माली को हाईकोर्ट से जमानत, 11 महीने से था जेल में बंद
414.09 करोड़ रुपये के कथित कस्टम्स फर्जीवाड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने आरोपी शंकर माली को सशर्त जमानत दे दी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने 414.09 करोड़ रुपये के कथित कस्टम्स फर्जीवाड़े मामले में आरोपी शंकर माली को सशर्त जमानत दे दी है। शंकर माली पिछले करीब 11 महीने से जयपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद था। शुक्रवार को न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
पहले खारिज हो चुकी थी जमानत याचिका
यह मामला अजमेर निवासी जगदीश प्रसाद के बेटे शंकर माली और भारत सरकार के बीच चल रहा है। इससे पहले 8 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने दोबारा जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। शंकर माली 1 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में था और जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था।
कस्टम्स विभाग ने लगाए ₹414.09 करोड़ के फर्जी बिल बनाने के आरोप
कस्टम्स विभाग के अनुसार, शंकर माली और उसके सहयोगियों ने बेल स्टार टेक्नो सॉल्यूशंस ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड तथा विजुअल बर्डस टेक्नोलॉजी के माध्यम से 414.09 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के कथित फर्जी आयात बिल तैयार किए।