सैन्य सम्मान के साथ अग्निवीर आर्यन झाझड़िया का अंतिम संस्कार, इकलौते बेटे को खोकर बेसुध हुई मां
झुंझुनूं के पीपल का बास निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर आर्यन झाझड़िया का चेन्नई में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में निधन हो गया। बुधवार को उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शन के दौरान मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि वायुसेना अधिकारियों ने तिरंगा सौंपकर उन्हें अंतिम सलामी दी।
झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के पीपल का बास गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर आर्यन झाझड़िया का बुधवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चेन्नई स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में उनकी मौत के बाद जब पार्थिव देह गांव पहुंची तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के दौरान मां सरोज देवी अपने इकलौते बेटे को देखकर बेसुध हो गईं, जबकि बहन पूनम भाई को अंतिम बार देखकर फूट-फूटकर रोती रहीं। परिवार और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे आर्यन का पार्थिव शरीर दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए मंडावा लाया गया। सबसे पहले अंबेडकर पार्क में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव देह रखी गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद तिरंगे में लिपटे आर्यन की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव पीपल का बास तक निकाली गई। रास्ते भर लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'आर्यन अमर रहें' के नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।